मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई नगर में शनिवार शाम बालाजी मंदिर में प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने के बाद तनाव फैल गया। मंदिर में धार्मिक पाठ कर रहे लोगों ने आरोपी को रोकने की कोशिश की तो उसने उनके साथ मारपीट कर दी। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान में जमा हो गए और करीब 3-4 घंटे चक्काजाम किया। इस दौरान कुछ लोगों ने आरोपी के घर का सामान बाहर निकालकर आग लगा दी। बाद में प्रशासन ने शासकीय जमीन पर बने आरोपी के मकान के हिस्से पर बुलडोजर चलाकर करीब आधा हिस्सा गिरा दिया। मंदिर में पाठ के दौरान पहुंचा था आरोपी पुलिस के अनुसार लिधौरा निवासी नीलेश लोधी रामलीला मैदान स्थित बालाजी मंदिर पहुंचा। उस समय मंदिर में धार्मिक पाठ चल रहा था। आरोपी ने धार्मिक स्थल और वहां स्थापित प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने उनके साथ मारपीट की। घटना में नीतेश जैन के सिर और फरियादी बादल सिंह यादव के बाएं हाथ में चोट आई है। मंदिर में मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पिपरई पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी नीलेश लोधी को गिरफ्तार कर थाने ले गई। गुस्साए लोगों ने घर का सामान निकाला, आग लगाई घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान में जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा हटाकर नई बालाजी प्रतिमा स्थापित करने और आरोपी के परिवार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की। विरोध के दौरान कुछ लोगों ने आरोपी के घर का सामान बाहर निकाल दिया और घर में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर और आसपास किसी तरह का अवैध निर्माण होने पर कार्रवाई की मांग भी की। देर रात तक मौके पर तनाव और चक्काजाम की स्थिति बनी रही। शासकीय जमीन पर बने हिस्से पर चला बुलडोजर आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी के मकान से संबंधित अतिक्रमण/नियमविरुद्ध निर्माण हटाने की कार्रवाई की। पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व विभाग ने जेसीबी से मकान के उस हिस्से को गिराया, जो शासकीय जमीन पर बना हुआ था। कार्रवाई में मकान का करीब आधा हिस्सा गिरा दिया गया। प्रशासन के अनुसार मौके के परीक्षण और राजस्व अभिलेखों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्रतिमा क्षति और मारपीट का केस, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने धार्मिक प्रतिमा को क्षति पहुंचाने और मंदिर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी के कथित बयानों, घटना के कारणों और किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें पुलिस ने लोगों से घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट सूचना प्रसारित नहीं करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भ्रामक या उत्तेजनात्मक सामग्री साझा नहीं करने और कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने को कहा है। पुलिस के अनुसार जिले में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है।
