2600 करोड़ से बना उज्जैन-गरोठ हाइवे ट्रैफिक शुरू होने से पहले ही गुणवत्ताहीन साबित होने लगा है। सड़क के लिए डाली मिट्टी का प्रेशर रोकने के लिए लगाए घटिया रिटेनिंग वॉल (ब्लॉक) दबाव झेलने से पहले ही धंस गए। जिन्हें छुपाने के लिए निर्माण कंपनी जीएचवी (गुलाब हुसैन वीजापुर) ने सीमेंट-कांक्रीट का टेका लगा डाला। ऐसे में उज्जैन-गरोठ हाईवे की गुणवत्ता को लेकर अब उच्च स्तरीय जांच करने की जरूरत है, क्योंकि देवास रोड से लगा 500 मीटर लंबा हिस्सा पहले ही घटिया साबित हो चुका है। एनएचएआई के नए अफसर ने निर्माण एजेंसी को फटकार लगाते हुए उक्त हिस्सा तोड़कर फिर से बनाने का आदेश जारी कर दिया। इसी बीच शहर से 7 किमी दूर कालियादेह पैलेस के रास्ते वाले ब्रिज के पास 15 दिन पहले धंसे हिस्से को कंपनी ने छुपा दिया। यहां क्षतिग्रस्त हुए ब्लॉक वाले हिस्से के पास बाहर से सीमेंट-कांक्रीट का बड़ा ब्लॉक बना दिया। यानी हाइवे को धंसने से रोकने के लिए टेके लगाने की नौबत आ गई है।
