सेमी-कंडक्टर चिप की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच मध्यप्रदेश पहली बार चिप इंडस्ट्री के बड़े नामों को एक मंच पर लाने जा रहा है। नई दिल्ली में होने वाले इंडिया सेमीकॉन की तर्ज पर 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में मध्यप्रदे श-सेमिकॉन होगा। इसमें देश-विदेश की चिप निर्माता कंपनियों, डिजाइन हाउस और सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों को बुलाया जाएगा। सरकार का फोकस इंदौर-पीथमपुर में चिप निर्माण और इससे जुड़ी यूनिट्स स्थापित कराने पर रहेगा।
यह आयोजन केंद्र सरकार के इंडिया सेमी-कंडक्टर मिशन 2.0 (आईएसएम 2.0) से जुड़े अवसरों को मध्यप्रदेश तक लाने की कोशिश है। आईएसएम 2.0 का उद्देश्य देश में सेमी-कंडक्टर उपकरण, कच्चे माल, चिप डिजाइन और आधुनिक पैकेजिंग समेत पूरा स्वदेशी इकोसिस्टम तैयार करना है। इसी के तहत राज्य सरकार निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की उपलब्ध जमीन, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी प्रतिभा और औद्योगिक क्षमता का प्रस्ताव रखेगी। बेंगलुरु में हुई राउंड टेबल, मप्र के उद्यमियों ने दिखाई रुचि मध्यप्रदेश-सेमिकॉन की तैयारियों को लेकर हाल ही में बेंगलुरु में हाई-लेवल राउंड टेबल बैठक हुई। यहां सेमी-कंडक्टर सेक्टर में नेतृत्व कर रहे कई उद्यमी मूल रूप से मध्यप्रदेश के हैं। इन उद्यमियों ने अपने गृह राज्य में निवेश के साथ नई रिसर्च और डिजाइन लैब्स स्थापित करने में रुचि दिखाई है। राज्य की सेमी-कंडक्टर और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) नीति के जरिए इंदौर-पीथमपुर बेल्ट में चिप इंडस्ट्री को आकर्षित करने की रणनीति तैयार की जा रही है। मध्यप्रदेश-सेमिकॉन में चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स, गैस, सिलिकॉन वेफर और मशीनों के निर्माण से जुड़ी कंपनियों को इंदौर-पीथमपुर में यूनिट लगाने के लिए आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए सरकार औद्योगिक भूमि बैंक और बेहतर सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी को निवेशकों के सामने रखेगी।
