मध्य प्रदेश क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 31 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चमारी गांव में हेमेन्द्र मेरावी की शादी ललिता धुर्वे से हुई थी। शादी के बाद घर में मिले उपहारों के बीच एक होम थिएटर भी रखा था। 3 अप्रैल की सुबह हेमेन्द्र ने जैसे ही उसे बिजली से जोड़ा, जोरदार धमाका हो गया। हेमेन्द्र की मौके पर मौत हो गई। उसके भाई राजकुमार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया और पांच लोग घायल हुए। शुरुआत में इसे हादसा माना गया। मायके वालों ने भी दहेज या उपहार में होम थिएटर देने से इनकार कर दिया था। शादी के सामान की सूची में भी उसका नाम नहीं था। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मध्य प्रदेश के बालाघाट की एक दुकान से यह होम थिएटर खरीदा गया था। सीसीटीवी में एक शख्स उसे खरीदते और बाद में गिफ्ट पैक कराता दिखा। नाम था-सरजू उर्फ संजू मरकाम। सरजू अचानक गायब हो गया था। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी था- सरजू ने यह पैकेट शादी के घर तक क्यों पहुंचाया? आगे की कहानी में पढ़िए इसका जवाब… होम थिएटर की खरीद और गिफ्ट पैकिंग की कड़ियां मिलने के बाद पुलिस ने सरजू की तलाश शुरू की। उसका पता मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के छपला गांव का मिला। शादी वाले दिन दूल्हे को फोन क्यों किया? 31 मार्च 2023 को हेमेन्द्र और ललिता की शादी थी। इसी दिन सरजू ने हेमेन्द्र के मोबाइल पर फोन किया था। पुलिस ने दोनों के कॉल डिटेल निकाले। दोनों के बीच बातचीत जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। एक तरफ शादी चल रही थी। दूसरी तरफ उसी दिन दूल्हे और सरजू के बीच बातचीत हुई थी। इसके तीन दिन बाद उसी घर में होम थिएटर में धमाका हो गया। पुलिस ने इन घटनाओं को जोड़कर सरजू और हेमेन्द्र के रिश्ते की पड़ताल शुरू की। जांच में एक पुराने रिश्ते की जानकारी सामने आई। यहीं से इस केस ने नया मोड़ ले लिया। अब पुलिस के सामने तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही थी। दुल्हन से जुड़ा था सरजू का रिश्ता पुलिस जांच में सामने आया कि सरजू का ललिता धुर्वे के साथ पहले प्रेम संबंध था। बाद में ललिता की शादी हेमेन्द्र से हो गई। इसी रिश्ते को लेकर सरजू और हेमेन्द्र के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। शादी के बाद सरजू इस बात से नाराज था। इसी नाराजगी में उसने वारदात को अंजाम दिया। 5 अप्रैल को पुलिस के हाथ लगा सरजू धमाके के दो दिन बाद, 5 अप्रैल 2023 को पुलिस ने सरजू उर्फ संजू मरकाम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद कई चीजें बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, उसकी निशानदेही पर विस्फोटक सामग्री से जुड़े पदार्थ, रस्सी, स्क्रूड्राइवर, होम थिएटर की रसीद और मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान जब्त किया गया। अब पुलिस को उस पूरे रास्ते को जोड़ना था- होम थिएटर खरीदा कहां गया, पैक कहां हुआ और शादी के घर तक कैसे पहुंचा? पैकेट लेकर खुद शादी के घर तक गया था सरजू पुलिस ने सरजू के दोस्त यशवंत धुर्वे से पूछताछ की। यशवंत ने पुलिस को बताया कि वह सरजू को बचपन से जानता है और दोनों आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। घटना से करीब एक-दो दिन पहले सरजू ने उसे फोन कर अक्कलपुर में एक शादी में जाने की बात कही थी। इसके बाद सरजू बाइक से उसके घर पहुंचा। यशवंत के मुताबिक, बाइक की टंकी और हैंडल के पास एक कार्टन रखा था, जिसमें होम थिएटर था। सुरेश चक्रवर्ती की दुकान से होम थिएटर को गिफ्ट की तरह पैक कराया गया। इसके बाद सरजू उसे लेकर मड़ई बस स्टैंड पहुंचा। शादी वाले घर से कुछ दूर रुकी बाइक यशवंत के मुताबिक, शादी वाले घर से कुछ पहले सरजू ने बाइक रोक दी। उसने यशवंत को वहीं रुकने के लिए कहा और खुद पैकेट लेकर शादी वाले घर की तरफ चला गया।
करीब चार-पांच मिनट बाद वह वापस लौटा। उसने बताया कि घर में पैर धोने की रस्म चल रही है। कुछ देर बाद वह फिर गिफ्ट पैकेट लेकर घर की तरफ गया। सरजू ने होम थिएटर का पैकेट आंगन में रखे शादी के सामान के पास रख दिया। इसके बाद दोनों वहां से निकलकर अक्कलपुर चले गए। कुछ दिन बाद यशवंत को पता चला कि जिस घर में वह सरजू के साथ गया था, उसी घर में होम थिएटर में विस्फोट हुआ है। CCTV और कॉल डिटेल ने कहानी की कड़ियां जोड़ी जांच में सीसीटीवी फुटेज भी महत्वपूर्ण सबूतों में शामिल रहा। एक दुकान के कैमरे में सरजू को होम थिएटर खरीदते देखा गया। दूसरी दुकान के सीसीटीवी में उसे वही सामान गिफ्ट पैक कराते हुए देखा गया। इसके बाद दोस्त यशवंत के बयान ने जांच को अगली कड़ी से जोड़ दिया। पुलिस ने सरजू और हेमेन्द्र के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी जांच में शामिल की। पुलिस ने इसे दोनों के बीच मौजूद विवाद और कथित प्रेम संबंध की जांच से जोड़कर देखा। पुरानी नौकरी से जुड़ा जांच का एक और सुराग जांच में सामने आया कि सरजू ने पहले इंदौर और धार क्षेत्र में ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग से जुड़े काम करने वाली कंपनियों में काम किया था। एक कंपनी संचालक सुमन कौशिक ने पुलिस को बताया कि सरजू ने वर्ष 2016 में धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र में स्थित एक ड्रिलिंग कंपनी में काम किया था, जहां ब्लास्टिंग गतिविधियां भी होती थीं। इसके बाद 2017 में उसने उनकी कंपनी में करीब एक साल तक ड्रिलिंग मशीन ऑपरेटर के रूप में काम किया। काम के दौरान सरजू ऐसे लोगों के संपर्क में रहा, जिन्हें इस प्रक्रिया का अनुभव था। अदालत में सरजू ने खुद को बताया निर्दोष मुकदमे के दौरान सरजू ने खुद को निर्दोष बताया और आरोपों से इनकार किया। बचाव पक्ष ने भी धमाके की दूसरी संभावनाओं और जांच की कड़ियों पर सवाल उठाए।
लेकिन अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने एक के बाद एक सबूत रखे। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से हुई जब्ती, होम थिएटर की खरीद से जुड़े दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और गवाहों के बयान से केस मजबूत था। तीन साल से ज्यादा चली सुनवाई करीब तीन साल से ज्यादा समय तक चले मुकदमे के बाद आखिरकार 14 अगस्त 2026 को अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने धमाके में हेमेन्द्र और उसके भाई राजकुमार की मौत के मामले में सरजू को दोषी माना। पांच अन्य लोगों के घायल होने से जुड़े हत्या के प्रयास के मामलों में भी उसे दोषी ठहराया गया। अदालत ने सरजू को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई। पांच हत्या के प्रयास के मामलों में भी उम्रकैद की सजा दी गई। साथ ही उसके प्राकृतिक जीवन के अंत तक जेल में रखने का निर्देश भी दिया गया। ये खबर भी पढ़ें… होम थिएटर का स्विच दबाते ही दूल्हे और भाई की मौत, फिर…अचानक गायब हुआ संदिग्ध कातिल हमेशा हाथ में हथियार लेकर सामने खड़ा हो, यह जरूरी नहीं। कई बार हथियार और इरादा इतना छिपा होता है कि हत्या भी किसी हादसे जैसी दिखाई देती है। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में इस बार कहानी छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की है। पढ़ें पूरी खबर…
