सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत (48) को विदिशा से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी द्वारा अलग-अलग युवाओं से करीब 29 लाख रुपए वसूलने का खुलासा हुआ है। मामले में एक महिला शिक्षिका राखी वंशकार से भी पूछताछ की जा रही है। घमापुर के सिद्ध बाबा क्षेत्र निवासी B.Ed छात्र अभिनव सेन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि ग्राम खड़ाखेड़ी थाना पथरी जिला विदिशा निवासी गिरजेश सिंह ने उसे शासकीय सेवा में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले उससे 3 लाख 75 हजार रुपए लिए गए और विश्वास में लेने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। बैंक खाते में भी डाले रुपए, ताकि फर्जीवाड़ा असली लगे पुलिस के मुताबिक ठगी को विश्वसनीय दिखाने के लिए आरोपियों ने अभिनव के बैंक खाते में भी रुपए जमा करवाए थे। पीड़ित की पहचान शीतला माई क्षेत्र निवासी शिक्षिका राखी बंसल उर्फ राखी वंशकार (49) से थी। राखी ने ही उसे बताया था कि सुमेरदांगी शासकीय स्कूल में सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह पहले भी लोगों को सरकारी नौकरी दिला चुका है और वह कलेक्ट्रेट में नौकरी लगवा सकता है। पैसे देने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली और आरोपी मोबाइल उठाने से बचने लगे तो अभिनव को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। 3 से 5 लाख रुपए तक वसूलते थे गिरजेश की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक से 3 से 5 लाख रुपए तक वसूलता था। इसी तरह कई लोगों से रकम लेने की बात सामने आई, जिससे कुल ठगी करीब 29 लाख रुपए तक पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र समेत कई दस्तावेज, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। महिला शिक्षिका की भूमिका भी सामने आई पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान गिरजेश ने महिला शिक्षिका राखी वंशकार की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह में उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इससे ठगी के शिकार हुए लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
