कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को चीनी की बढ़ती कीमतों और कम होते स्टॉक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि त्योहारों से पहले मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट चीनी की मिठास में घुल गई है। खड़गे ने सरकार से तीन सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों पहुंच गया है और 10 लाख टन चीनी ड्यूटी-फ्री आयात करने की नौबत क्यों आई। उन्होंने तीन महीने में चीनी करीब 40% महंगी होने पर भी सरकार से जवाब मांगा। खड़गे ने E20 के लिए गन्ने और अनाज से एथेनॉल बनाने की नीति की समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि जब देश में चीनी की कमी है और विदेश से चीनी मंगाई जा रही है, तो गन्ने को एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल करने की नीति पर दोबारा विचार क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे से जोड़ते हुए सवाल उठाया। वहीं, उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने चीनी की कीमत बढ़ने की वजह एथेनॉल नीति को मानने से इनकार किया है। मंत्रालय के मुताबिक, खुदरा कीमत 20 जुलाई को 48.18 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 20 अगस्त को 55.70 रुपए हो गई। सरकार ने इसकी वजह घरेलू उत्पादन में कमी, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, मौसम से फसल को नुकसान, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई का दबाव और जमाखोरी-सट्टेबाजी को बताया है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
