कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर शनिवार को होने वाला मुरैना बंद स्थगित कर दिया गया। शुक्रवार रात कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने फेसबुक पोस्ट पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि मुरैना बन्द स्थगित किया जाता है। कारखाना चलाने के लिए NIT (टेंडर) जारी कर दी गई है। सभी किसान भाईयों,व्यापारी भाइयों युवा साथियों स्कूल कॉलेज संचालकों को बहुत बहुत बधाई एवं आभार। जय जवान जय किसान।’ दरअसल, शुगर मिल को फिर से शुरू करने को लेकर सरकार ने अभिरुचि की अभिव्यक्ति (EOI) जारी कर दी है। राज्य कैबिनेट के 19 अगस्त 2025 के फैसले के तहत इस मिल की 12.86 हेक्टेयर जमीन उद्योग विभाग को सौंपी गई थी। राहुल से बोले- भारत जोड़ो यात्रा’ से मिली प्रेरणा जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय पिछले 7 दिनों से (15 अगस्त से) मिल परिसर में आमरण अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उनकी वीडियो कॉल पर बातचीत भी हुई थी। उन्होंने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया था। वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान भावुक और दृढ़ नजर आ रहे विधायक पंकज उपाध्याय ने राहुल गांधी से कहा, “आपने कन्याकुमारी से कश्मीर तक जो ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की थी, उससे हम सभी को जनता के हक के लिए लड़ने का साहस मिला है। आप देश और किसानों के लिए रोज संसद से सड़क तक लड़ते हैं, हम आपके ही फॉलोअर हैं।” राहुल गांधी ने विधायक की हौसलाअफजाई करते हुए उनकी सेहत का हाल जाना और किसानों के इस हक की लड़ाई को मजबूती से लड़ने की बात कही। जीतू पटवारी ने कहा सरकार नहीं मानी तो जुटेंगे 1 लाख किसान, राहुल गांधी को आमंत्रण’
इसी बातचीत के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी ने भी राहुल गांधी को जमीनी हकीकत से अवगत कराया। जीतू पटवारी ने दोटूक शब्दों में कहा- “दो बातें साफ हैं; पहली तो यह कि अगर यह भाजपा सरकार समय रहते मान जाती है और मिल चालू करती है तो ठीक है। नहीं तो, हम यहाँ 1 लाख किसानों को इकट्ठा करेंगे और एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।” पटवारी ने इस आगामी महारैली और आंदोलन के लिए राहुल गांधी को मध्य प्रदेश आने का न्योता देते हुए कहा कि किसानों के इस महासंग्राम में आपको खुद आना होगा। राहुल गांधी की दो शब्दों में हरी झंडी- ठीक है, आप करो
मध्य प्रदेश कांग्रेस की इस आक्रामक रणनीति और 1 लाख किसानों को जुटाने के प्लान पर राहुल गांधी ने तुरंत सहमति दे दी। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व का हौसला बढ़ाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा- “ठीक है, आप करो।” राहुल गांधी की इस ‘हरी झंडी’ के बाद अब यह स्थानीय आंदोलन एक बड़े राजनीतिक और किसान आंदोलन में बदलने जा रहा है। क्या है कैलारस शुगर मिल का मुद्दा?
कैलारस शक्कर कारखाना चंबल अंचल के हजारों गन्ना किसानों और मजदूरों की आजीविका का मुख्य जरिया था, जो पिछले कई सालों से बंद पड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार हर बार इसे चालू करने का केवल झूठा आश्वासन देती है। अब राहुल गांधी के इस दखल के बाद, आने वाले दिनों में यह आंदोलन मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनने वाला है। आंदोलन को धार देने और विधायक का हौसला बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी खुद कैलारस पहुंचे। अनशन स्थल पर मौजूद जनसैलाब और मीडिया को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने विधायक पंकज उपाध्याय के संघर्ष की जमकर सराहना की और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। “जब से विधायक बने हैं, तब से लड़ रहे हैं किसानों की लड़ाई”
जीतू पटवारी ने अनशनकारी विधायक पंकज उपाध्याय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि पंकज उपाध्याय पिछले 7 दिनों से अन्न-जल त्यागकर क्षेत्र के किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र के जो किसान हैं, उनकी लड़ाई पंकज विधानसभा में जब से विधायक बने हैं, तब से लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में पहले भी कई बार आंदोलन किए हैं, लेकिन यह आमरण अनशन एक बड़ा मैसेज है। पटवारी ने आगे कहा कि यह अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कांग्रेस पार्टी का एक जनप्रतिनिधि जनता के हक के लिए किस हद तक समर्पित रह सकता है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बहरी हो जाए, तो जनता के प्रतिनिधि को इसी तरह अपनी जान दांव पर लगानी पड़ती है। अखिलेश यादव ने भी की विधायक से फोन पर बात
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी विधायक पंकज उपाध्याय से मोबाइल फोन पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है और अमेरिका के साथ किसानों के हितों के खिलाफ ट्रेड डील की गई है। शुगर मिलों के बंद होने के कारण चीनी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी किसानों के इस आंदोलन के साथ खड़ी है और विधायक पंकज उपाध्याय के संघर्ष का पूरा समर्थन करती है। इधर, शुगर मिल को लेकर सरकार ने जारी की EOI मुरैना स्थित बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने के लिए मध्य प्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने अभिरुचि की अभिव्यक्ति (EOI) जारी कर दी है। राज्य कैबिनेट के 19 अगस्त 2025 के फैसले के तहत इस मिल की 12.86 हेक्टेयर जमीन उद्योग विभाग को सौंपी गई थी। सरकार की मंशा क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को गति देने की है, जिसके तहत मिल को निजी भागीदारी के जरिए 30 साल की लीज पर देकर दोबारा संचालित करने की तैयारी है। टेंडर और प्रोसेस का पूरा टाइम टेबल
इच्छुक कंपनियों के लिए ईओआई 21 अगस्त 2026 को जारी कर दी गई है। इच्छुक पक्ष 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे से कैलारस पहुंचकर प्लांट का मौका-मुआयना (साइट विजिट) कर सकेंगे। इसके बाद 3 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे भोपाल स्थित विंध्याचल भवन के चौथे फ्लोर पर प्री-ईओआई बैठक होगी। आवेदक 7 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक अपने ऑनलाइन सवाल व आपत्तियां भेज सकते हैं, जिनका निराकरण 8 सितंबर 2026 को किया जाएगा। ईओआई जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक तय की गई है और अगले ही दिन 16 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे प्राप्त प्रस्ताव खोले जाएंगे। 30 साल की लीज और ‘जैसी है जहां है’ की शर्त
मिल को ‘एज-इज-वेयर-इज’ (जो जैसा है, जहां है) के आधार पर 30 वर्ष की लीज पर दिया जाएगा, जिसे बेहतर संचालन की स्थिति में आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। 12.86 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ फैक्ट्री भवन, वर्कशॉप, गोदाम और प्लांट-मशीनरी हस्तांतरित की जाएगी। मिल की वर्तमान पेराई क्षमता 1,250 टीसीडी (टन प्रतिदिन) है, जिसे विस्तार करने की छूट रहेगी। गन्ने की खरीद, किसानों के भुगतान और कामगारों के नियोजन की पूरी जिम्मेदारी लीज लेने वाली कंपनी की होगी।
