केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने ANI को दिए इंटरव्यू में जेन-जी आंदोलन, जंतर-मंतर प्रदर्शन, अभिजीत दीपके, राहुल गांधी और कांग्रेस पर कई बयान दिए। उन्होंने कहा कि जेन-जी हमारे अपने बच्चे हैं और उनसे लगातार बातचीत जरूरी है। उनसे बातचीत करने में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं है। रिजिजू ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के प्रदर्शन के बावजूद एक भी गोली नहीं चली और किसी प्रदर्शनकारी को गंभीर चोट नहीं लगी। उन्होंने कहा- अगर ऐसा आंदोलन कांग्रेस के दौर में हुआ होता, तो हजारों लोगों की मौत हो सकती थी। रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- दीपके AAP कार्यकर्ता हैं। छात्र कैसे बन गए? उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम के दिमागी नक्सल वाले बयान से लेकर जंतर-मंतर प्रदर्शन तक, रिजिजू के इंटरव्यू की पूरी बात… 1. नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी के व्यवहार पर रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन के अंदर जैसा व्यवहार करते हैं, क्या वे नेता प्रतिपक्ष जैसे दिखाई देते हैं? मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। हम मिलते हैं, बातचीत करते हैं। लेकिन नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए काम करना चाहिए और उसी हिसाब से सदन में बोलना चाहिए। राहुल ने एक खास तरह की शैली अपनाई है और उनके सांसद भी उसी तरह व्यवहार करने लगे हैं। 2. संसद में शाह के बयान पर बोले- कांग्रेस चर्चा से भागी अमित शाह के बयान की विपक्ष की मांग पर रिजिजू ने कहा- कांग्रेस संसद का सामना करने से डर गई है। इसलिए उसने चर्चा से भागने का बहाना बनाया। जब सरकार हर सवाल का जवाब देने और परिस्थितियों की पूरी जानकारी देने के लिए तैयार थी, तब कांग्रेस सच्चाई का सामना करने की स्थिति में नहीं थी। रिजिजू ने कहा- हम कांग्रेस से बार-बार संसद में आने और बहस करने के लिए कहते रहे, लेकिन वे ऐसा नहीं करना चाहते। कांग्रेस सांसदों को लगता है कि उनका काम सिर्फ हंगामा करना, चिल्लाना और गाली देना है। अगर किसी सांसद को सिर्फ हंगामा करना है तो सांसद बनने की जरूरत क्या है? वे सड़क पर प्रदर्शन कर सकते हैं। 3. जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले- पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया रिजिजू ने कहा, “एक भी व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ। किसी की हड्डी नहीं टूटी। कोई प्रदर्शनकारी गंभीर चोट के साथ अस्पताल में भर्ती नहीं है।” उन्होंने कहा, “इस आंदोलन का स्तर देखिए, हजारों लोग आए थे। कई लोग छात्रों के नाम पर राजनीतिक गतिविधियां कर रहे थे। AAP, भीम आर्मी, समाजवादी पार्टी और दूसरे समूहों के लोग भी आए और दूसरों को हिंसा के लिए उकसाया।” रिजिजू ने कहा कि पुलिस ने तब कार्रवाई की, जब प्रदर्शनकारी जबरदस्ती संसद की ओर बढ़ने लगे। उन्होंने कहा, “दिल्ली प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान एक भी लाठी नहीं चलाई। जब वे जबरदस्ती संसद की ओर बढ़े, तभी उन्हें रोका गया। कोई मौत नहीं हुई। पुलिस की तारीफ होनी चाहिए।” 4. दीपके पर बोले- AAP कार्यकर्ता हैं, छात्र कैसे बन गए? रिजिजू ने Gen-Z आंदोलन में सामने आए अभिजीत दीपके का जिक्र करते हुए कहा, “अभिजीत दीपके महाराष्ट्र से हैं, लेकिन वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वे छात्र कैसे बन गए?” उन्होंने कहा, “छात्रों में एक जुनून होता है और उनसे बातचीत की जा सकती है। छात्रों की चिंताएं सही हैं। लेकिन जब राजनीतिक पार्टियां छात्रों के पीछे छिपकर अपनी राजनीति चलाने की कोशिश करती हैं, तो यह सही नहीं है।” 5. Gen-Z से BJP के जुड़ाव पर बोले- ये हमारे अपने बच्चे हैं रिजिजू ने कहा, “कनेक्शन में कोई कमी नहीं है। वे हमारे अपने बच्चे हैं।” उन्होंने कहा, “हम एशियाई समाज हैं। यहां लोग परिवार के रिश्तों से जुड़े रहते हैं। हमें युवाओं की बात सुननी होगी और उन्हें अपनी बात भी समझानी होगी। अगर उन्हें लगातार सिर्फ मांगें करने के लिए उकसाया जाता रहेगा तो दूरी कम करने में समय लगेगा। हमें उनसे बात करनी होगी और लगातार संवाद बनाए रखना होगा।” 6. ‘दिमागी नक्सल’ पर बोले- कांग्रेस माओवादी पार्टी बनती जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मागी नक्सल’ बयान पर कांग्रेस के विरोध को लेकर रिजिजू ने कहा, “एक तरह से कांग्रेस पार्टी माओवादी और नक्सली संगठन जैसी बनती जा रही है।” उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली नेशनल एडवाइजरी काउंसिल में पहले ऐसी विचारधारा रखने वाले लोगों का प्रभाव था। अब पूरी कांग्रेस पार्टी माओवादी पार्टी की तरफ बढ़ती दिख रही है। पहले यह मुस्लिम लीग जैसी बन चुकी थी और अब माओवादी पार्टी की तरफ बढ़ रही है।” रिजिजू ने कहा, “प्रधानमंत्री का मुद्दा किसी खास विपक्षी पार्टी को लेकर नहीं था। प्रधानमंत्री ने वही बात कही जो मनमोहन सिंह भी कह चुके हैं कि माओवाद और नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “जंगल में हथियार उठाने वाले नक्सलियों को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन उनकी विचारधारा शहरी इलाकों में अभी भी मौजूद है। उससे भी निपटना जरूरी है। कांग्रेस ने इसे अपने ऊपर क्यों लिया, यह समझ से परे है।” 7. ‘दिमागी नक्सल’ किसे कहा, रिजिजू ने बताया रिजिजू ने कहा, “मैंने साफ बताया है कि नक्सलवाद क्या है और ‘दिमागी नक्सल’ कौन हैं। जो देश को तोड़ने की बात करते हैं, आर्टिकल 370 वापस लाने की बात करते हैं या नॉर्थ-ईस्ट को देश से अलग करने की बात करते हैं, वे इसी विचारधारा का समर्थन करते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग नक्सली हिंसा में मारे जाने वाले सेना और सुरक्षाबलों के जवानों के परिवारों के प्रति सहानुभूति नहीं रखते। 8. कांग्रेस को मनमोहन सिंह से माफी मांगनी चाहिए रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नक्सलवाद को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया था। रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस पार्टी को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।” 9. राहुल गांधी के PM मोदी पर तंज को लेकर बोले- खुद हंसी का पात्र बने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं से मुलाकातों पर की गई टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन अंत में खुद ही हंसी का पात्र बन गए। उन्होंने अपनी छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है और इससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल होगा।” राहुल गांधी ने 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों पर तंज कसा था। 10. संसद के मानसून सत्र पर बोले- नुकसान विपक्ष का हुआ मानसून सत्र के कामकाज पर रिजिजू ने कहा, “संसद को सुचारु रूप से चलाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि विपक्षी सांसद समझें कि संसद नहीं चलने पर सबसे ज्यादा नुकसान उनका ही होता है।” उन्होंने कहा, “सरकार के पास बहुमत है, इसलिए हम बिल पास कर सकते हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि हर बिल और हर मुद्दे पर चर्चा हो। जिस दिन विपक्षी सांसद समझेंगे कि संसद नहीं चलने से उनका नुकसान है, वे सदन चलाने में सहयोग करेंगे।” 11. राम मंदिर चंदे के मामले पर बोले- चर्चा के लिए तैयार थे राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा, “हम चर्चा के लिए तैयार थे। लेकिन सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं हो सकती।” उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्र आंदोलन और दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा चाहता था, जबकि सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार थी। 12. FCRA बिल पर बोले- JPC में जाने से सच सामने आएगा FCRA संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC में भेजे जाने पर रिजिजू ने कहा, “इसे JPC में भेजना बहुत अच्छा फैसला है। अब सच्चाई साफ सामने आएगी।” उन्होंने विपक्ष के आरोप को खारिज किया कि FCRA कानून ईसाई मिशनरियों को निशाना बनाता है। रिजिजू ने कहा कि कानून में किसी खास धर्म या समुदाय को निशाना बनाने वाला कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी योगदान का केवल करीब 16% हिस्सा ईसाई मिशनरियों को मिलता है और बाकी दूसरे संगठनों को जाता है। 13. डीलिमिटेशन बिल पर बोले- फैसला नेतृत्व करेगा परिसीमन बिल को लेकर रिजिजू ने कहा, “हमने कब कहा कि हम बिल ला रहे हैं? मीडिया में इसकी अटकलें चल रही हैं। बिल कब लाना है, इसका फैसला हमारा नेतृत्व पूरी चर्चा के बाद करेगा।” 14. BJP की नई टीम पर बोले- हर राज्य और क्षेत्र को जगह BJP की नई राष्ट्रीय टीम पर रिजिजू ने कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं। प्रधानमंत्री मोदी हर राज्य और क्षेत्र के लोगों, समाज के अलग-अलग वर्गों और अनुभवी नेताओं के साथ ऊर्जावान नए चेहरों का मिश्रण बनाते हैं।” उन्होंने कहा कि नई टीम में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिला है। इसमें अनुभवी नेताओं के साथ नए और ऊर्जावान चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
