भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने विशाल रैली निकाली। न्यू मार्केट से शुरू हुई रैली रोशनपुरा चौराहे तक पहुंची। बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतरे और हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। व्यापारियों ने व्यापार और रोजगार बचाने की मांग करते हुए सरकार से कार्रवाई पर समाधान निकालने की मांग की। व्यापारियों की मांग है कि भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू किया जाए और मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान किया जाए। साथ ही गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून-2022 लागू करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि रहवासी इलाकों में वर्षों से कारोबार चल रहे हैं। अचानक सीलिंग की कार्रवाई से सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े कर्मचारी और उन पर निर्भर परिवार भी प्रभावित होंगे। सड़क पर बैठकर नारेबाजी, जन-गण-मन भी गाया रैली के दौरान कई जगह व्यापारी सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से जन-गण-मन गाकर भी विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि वे सरकार को टैक्स दे रहे हैं और वर्षों से इन क्षेत्रों में कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में अचानक दुकानें बंद कराने के बजाय सरकार को व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। सीएम हाउस की ओर बढ़े व्यापारी, पुलिस ने रोका प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यापारी सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। सीएम हाउस की ओर जाने वाली सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की मौजूदगी के बीच व्यापारी कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ब्यूटिशियन ने सड़क पर किया मेकअप कार्रवाई के विरोध में ब्यूटिशियन भी सड़क पर उतर आईं। उन्होंने सड़क पर ही मेकअप कर अपना विरोध जताया। उनका कहना था कि कमर्शियल गतिविधियां बंद कराई गईं तो ब्यूटी पार्लर और ऐसे छोटे कारोबारों से जुड़े लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से कारोबार बचाने के लिए समाधान निकालने की मांग की। महिला व्यापारी बोलीं- आज 500 लोग, कल एक लाख आएंगे प्रदर्शन में शामिल एक महिला व्यापारी ने कहा कि आज करीब 500 लोग सड़क पर हैं। यदि सरकार ने व्यापारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में एक लाख लोग सड़क पर उतरेंगे। व्यापारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। व्यापारी बोले- मोहन सरकार को होश में आना होगा थोक बाजार व्यापारी संघ के अभिषेक रब्बू ने कहा कि मोहन सरकार को भोपाल में जल्द मास्टर प्लान लागू करना चाहिए और मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने गुजरात मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में नियमितीकरण की नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब लोग मकान की रजिस्ट्री कराते हैं तो सरकारी व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होती है और नगर निगम संपत्ति कर भी वसूलता है। ऐसे में वर्षों से चल रहे कारोबार पर अचानक नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो व्यापारी आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं। वहीं हीरा स्टोर, बैरागढ़ के कोषाध्यक्ष अशोक उसरा सिंह ने कहा कि बैरागढ़ का रहवासी क्षेत्र अब काफी हद तक व्यावसायिक हो चुका है और लगातार व्यापारियों को नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार नहीं देती, इसलिए व्यापारी अपना कारोबार करते हैं। एक व्यापारी अपने प्रतिष्ठान में 25 से 50 परिवारों के लोगों को रोजगार देता है। उन्होंने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई से सिर्फ व्यापारी बेरोजगार नहीं होंगे, बल्कि उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी भी बेरोजगार होंगे। सरकार को पहले रोजगार का विकल्प देना चाहिए और उसके बाद कार्रवाई करनी चाहिए। त्योहारों से पहले राहत दे सरकार व्यापारी संघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार हैं। ऐसे समय में सरकार को व्यापारियों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने सरकार से 2022 के गुजरात मॉडल की तर्ज पर नियमितीकरण व्यवस्था लागू करने की मांग की। चैंबर अध्यक्ष बोले- लाखों लोगों को बेरोजगार नहीं कर सकती सरकार भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि सरकार लाखों लोगों को बेरोजगार नहीं कर सकती। उनका कहना है कि इन कारोबारों से बड़ी संख्या में कर्मचारी और परिवार जुड़े हैं। सरकार को सीलिंग की कार्रवाई के बजाय ऐसा व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और लोगों का रोजगार भी बचा रहे। अब तक 6589 नोटिस, 750 मामलों में 3 दिन की अंतिम अवधि आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने शहरभर में सर्वे और नोटिस की कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 6,589 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। रविवार तक 5,778 नोटिस दिए गए थे, जबकि सोमवार को 811 और नोटिस जारी किए गए। निगम के मुताबिक, करीब 750 ऐसे मामले हैं, जिनमें अधिभोग उल्लंघन की अवधि अगले तीन दिन में पूरी हो रही है। इन मामलों में संबंधितों को कमर्शियल गतिविधियां बंद करने के लिए अंतिम सूचना पत्र जारी किए जा रहे हैं। नगर निगम उपायुक्त भुवन गुप्ता के मुताबिक, अंतिम सूचना के बाद भी गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो अधिभोग उल्लंघन के मामले में गुण-दोष के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अंतिम आदेश पारित कर संबंधितों को सूचित किया जाएगा। सुनवाई के बाद फाइनल ऑर्डर होने पर अतिक्रमण हटाने और जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई की जाएगी। अरेरा, बावड़िया कलां और रोहित नगर के 429 संस्थान भी शामिल निगम ने अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कलां और रोहित नगर के 429 संस्थानों को पहले नोटिस दिए थे। इनमें से 60 संस्थानों को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी दिया गया। करीब 250 संचालकों ने जवाब में कमर्शियल टैक्स जमा करने, व्यावसायिक बिजली कनेक्शन होने और भवन 18 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित होने जैसे तर्क दिए। निगम अधिकारियों का कहना है कि कमर्शियल टैक्स जमा करने या व्यावसायिक बिजली कनेक्शन होने से भवन का स्वीकृत उपयोग नहीं बदलता। 5 से 9 अगस्त के नोटिस वालों को 24 घंटे का अंतिम नोटिस 5 से 9 अगस्त के बीच जिन लोगों को नोटिस दिए गए थे, उनकी 10 दिन की अवधि पूरी हो रही है। ऐसे मामलों में 24 घंटे के अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अंतिम नोटिस के बावजूद आवासीय भवन में कमर्शियल गतिविधियां जारी रहने पर प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। 85 अवैध निर्माण के नोटिस, 24 मामलों में फाइनल ऑर्डर कमर्शियल गतिविधियों के साथ निगम भवनों में हुए अनधिकृत निर्माण की भी जांच कर रहा है। अवैध निर्माण के लिए 85 नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें 24 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें फाइनल ऑर्डर जारी हो चुका है। सोमवार को अरेरा कॉलोनी स्थित भवन क्रमांक E5-109 में स्वीकृत भवन अनुमति के विपरीत किए गए निर्माण पर कार्रवाई की गई। भवन स्वामी को मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 302(1) और 307(2) के तहत सूचना देकर पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। सुनवाई के बाद आदेश जारी होने पर स्वीकृत अनुमति के विपरीत किए गए करीब 10 प्रतिशत अतिरिक्त निर्माण और एमओएस से संबंधित अनधिकृत निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई। 62 हजार 500 से ज्यादा प्रॉपर्टी चिन्हित नगर निगम के संपत्ति कर रिकॉर्ड के आधार पर 62 हजार 500 से ज्यादा प्रॉपर्टी ऐसी चिन्हित की गई हैं, जो रहवासी क्षेत्रों में हैं और इनमें व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। निगम का कहना है कि नोटिस का आंकड़ा आगे एक लाख तक पहुंच सकता है, क्योंकि गली-मोहल्लों में भी बड़ी संख्या में दुकानें संचालित हो रही हैं। 5 अगस्त से पहले 1,018 रहवासियों को नोटिस दिए गए थे। 5 से 12 अगस्त के बीच 1,163, 13 अगस्त को 1,135 और 14 अगस्त को 1,478 नोटिस जारी किए गए। इसके बाद भी नोटिस देने की कार्रवाई जारी रही। मुख्य मार्गों से नदी-तालाब किनारे तक सर्वे निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवनों की भी प्राथमिकता से जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन और स्वीकृत उपयोग के विपरीत चल रही गतिविधियों को भी सर्वे में शामिल किया गया है। रहवासी भी आंदोलन की तैयारी में इस मामले को लेकर रविवार को रहवासियों ने भी बैठक की थी। इसमें आगामी शनिवार को शिवाय कॉम्प्लेक्स से औरा मॉल तक टॉर्च रैली निकालने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जागरूकता के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने और अन्य रहवासी समितियों को जोड़ने पर भी सहमति बनी।
