विदिशा में श्रावण मास के तीसरे सोमवार से पहले रविवार को बेतवा नदी के तट पर बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंचे। ग्राम बर्रो से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बारिश के बीच यहां आए। इनमें बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चे भी शामिल रहे। श्रद्धालुओं ने बेतवा नदी से कांवड़ में जल भरा। इसके बाद नदी तट पर पूजा-अर्चना की। भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए सभी ग्राम बर्रो के लिए रवाना हुए। 30 किमी पैदल चलकर पहुंचेंगे बर्रो कांवड़िए करीब 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर ग्राम बर्रो पहुंचेंगे। यहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन सुबह श्रद्धालु गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर केदारधाम के लिए रवाना होंगे। केदारधाम में बेतवा नदी से लाए गए जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। 7 साल से निकाली जा रही कांवड़ यात्रा राजेश दुबे ने बताया कि ग्राम बर्रो में यह कांवड़ यात्रा पिछले सात साल से निकाली जा रही है। हर साल बड़ी संख्या में ग्रामीण इसमें शामिल होते हैं। यात्रा में परिवार के बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चे भी उत्साह से हिस्सा लेते हैं। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। वे भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए यात्रा पर आगे बढ़े। बेतवा तट पर लगातार पहुंच रहे श्रद्धालु श्रावण मास में बेतवा नदी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। विदिशा के अलावा आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु बेतवा का जल कांवड़ और कलश में भरकर अलग-अलग शिव मंदिरों तक ले जा रहे हैं। सावन के सोमवार के अलावा अन्य दिनों में भी नदी तट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। नदी तट पर सुरक्षा के इंतजाम श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेतवा नदी के तट पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। होमगार्ड जवान और सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। जवान श्रद्धालुओं को नदी के गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं और लगातार निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल बेतवा का जलस्तर पहले की तुलना में कम हुआ है।
