शुक्रवार को मुगालिया हाट में लगे जनविश्वास शिविर में कुराना गांव की खुशबू अहिरवार की परेशानी ने अफसरों का ध्यान खींचा। 12वीं में 92.4 फीसदी अंक लाने वाली खुशबू यूपीएससी की तैयारी करना चाहती है, लेकिन घर में पढ़ाई की जगह नहीं है। मुख्यमंत्री आवास योजना का मकान अधूरा है, इसलिए उसे चाचा की छत पर जाकर पढ़ना पड़ता है। गांव में नदी पर बनी जर्जर पुलिया से भी ग्रामीणों को गुजरना पड़ता है। अफसरों के सामने अपनी परेशानी बताते हुए खुशबू भावुक हो गई। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने उसकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद संभाग कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने सरकारी स्कूलों को शाम के समय रीडिंग रूम और लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। स्कूल बंद होने के बाद गांव के बच्चे वहां पढ़ सकेंगे। कुराना में भी यह व्यवस्था की जाएगी। शिविर में 30 गांवों के लोगों को बुलाया गया था, लेकिन 10 गांवों से भी लोग नहीं पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे तक इक्का-दुक्का ग्रामीण ही बचे थे। एक सप्ताह से तैयारी के बावजूद गांवों में पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। अफसरों ने इसे भी कम उपस्थिति की वजह बताया। शिविर में कुल 80 शिकायती आवेदन आए। ई-बस से पहुंचे अफसर, 8 जनवरी तक लगेंगे शिविर संभाग कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य विभागों के अधिकारी कलेक्टोरेट से ई-बस से मुगालिया हाट पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने बताया कि 7 अगस्त से 8 जनवरी तक हर शुक्रवार जनविश्वास शिविर लगेंगे। इनमें ई-केवाईसी, बैंकिंग, डीबीटी, समग्र आईडी अपडेशन और आधार पंजीयन के लिए स्टॉल रहेंगे। डीआईजी देहात राजेश सिंह चंदेल ने ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचने और ठगी होने पर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी।
