इंदौर के अद्वैत उपाध्याय को लापता हुए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस और रेस्क्यू टीमों को अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। कर्नाटक की शिवगंगे पहाड़ियों में 100 घंटे से ज्यादा चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने शुक्रवार को तलाशी अभियान बंद कर दिया। अब जांच का फोकस तकनीकी और अन्य संभावित पहलुओं पर किया जा रहा है। अद्वैत की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, फोरेंसिक टीम समेत विभिन्न एजेंसियों के 100 से ज्यादा लोग जुटे रहे। दुर्गम और खतरनाक ढलानों के साथ चट्टानी इलाकों में ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की गई। कर्नाटक के चर्चित पर्वतारोही ज्योति राज उर्फ कोठी राज की टीम को भी बुलाया गया था। ‘स्पाइडर मैन’ के नाम से मशहूर ज्योति राज की टीम ने दो दिन तक दुर्गम हिस्सों में तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आत्महत्या के साथ दूसरे एंगल पर भी जांच पुलिस को अद्वैत की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री से कुछ ऐसी जानकारियां मिली थीं, जिनसे पहाड़ी से गिरने के बाद व्यक्ति की मृत्यु में लगने वाले समय को लेकर उनकी रुचि सामने आई थी। इसी आधार पर शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका को एक एंगल माना गया था। हालांकि, आठ दिन तक व्यापक सर्चिंग के बावजूद अद्वैत का कोई सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस अब दूसरे संभावित पहलुओं पर भी जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक केवल आत्महत्या की आशंका के आधार पर जांच को सीमित रखना उचित नहीं होगा। इसलिए पासपोर्ट, विदेश यात्राओं और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस को अद्वैत का मोबाइल शांताला ड्रॉप के पास मिला था। इसके बाद जांचकर्ताओं ने मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल और दूसरी तकनीकी जानकारियां खंगालनी शुरू कीं। 7 अगस्त को ट्रेकिंग के लिए निकले थे अद्वैत ने अपनी मंगेतर को शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रेकिंग पर जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने बाइक किराए पर ली और 7 अगस्त की सुबह करीब 6:30 बजे शिवगंगे पहुंचे। पहाड़ी की तलहटी में उनकी किराए की बाइक मिली। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में अद्वैत पहाड़ी की ओर जाते और चढ़ाई शुरू करते दिखाई दिए हैं। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। अब रेस्क्यू ऑपरेशन बंद होने के बाद पुलिस उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और अन्य संभावित कड़ियों के आधार पर उनकी तलाश और मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। अगर अद्वैत पहाड़ी पर गए थे तो वे गए कहां? सीसीटीवी में पहाड़ी की ओर जाते दिखे, बाइक तलहटी में मिली, मोबाइल शांताला ड्रॉप के पास मिला, लेकिन आठ दिन की व्यापक सर्चिंग के बाद भी न अद्वैत मिले और न ऐसा कोई निर्णायक साक्ष्य मिला जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट हो सके। यही वजह है कि अब पुलिस के सामने सिर्फ पहाड़ी पर हादसे या आत्महत्या का सवाल नहीं, बल्कि अद्वैत के लापता होने के पीछे किसी अन्य संभावना को भी तलाशने की चुनौती है। ———————————- ये खबर भी पढ़िए… बेंगलुरु में इंदौर के अद्वैत की सातवें दिन भी तलाश बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित करीब 4500 फीट ऊंची शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश लगातार जारी है। सातवें दिन भी अद्वैत का कोई पता नहीं चल सका। बुधवार को SDRF समेत पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई टीमों ने पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया। गुरुवार को भी तलाश शुरू कर दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
