हरदा जिले में बुधवार शाम अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तिरंगा रैली निकाली। शिक्षकों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एसडीएम अशोक कुमार डेहरिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने चार प्रमुख मांगों का उल्लेख किया है, जिनमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का निर्धारण, ई-अटेंडेंस प्रणाली को बंद करना और महिला शिक्षकों को संतान पालन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन देना शामिल है। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में वरिष्ठता की गणना 1 जुलाई 2018 से की जा रही है, जबकि इसे प्रथम नियुक्ति तिथि से किया जाना चाहिए। इस व्यवस्था के कारण सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को ग्रेच्युटी सहित अन्य लाभों में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महेश शुक्ला ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए तत्काल समाधान की अपील की। शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, TET परीक्षा को लेकर भी शिक्षकों में असमंजस है, जिसे वे अव्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं मानते। उन्होंने सवाल उठाया कि 20-30 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों पर ही ऐसे प्रयोग क्यों थोपे जा रहे हैं, जबकि अन्य पेशेवरों पर नहीं। महिला शिक्षकों के लिए संतान पालन अवकाश के दौरान वर्तमान में दिए जा रहे आंशिक वेतन को पूर्ण वेतन में परिवर्तित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी समय में आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। महेश शुक्ला ने जोर देकर कहा कि शिक्षक पूरी निष्ठा से अपना कार्य कर रहे हैं, जिसका प्रमाण विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियां हैं। उन्होंने ई-अटेंडेंस प्रणाली में कई व्यावहारिक दिक्कतें भी बताईं। तिरंगा रैली का आयोजन प्रांतीय आह्वान पर जिला संयोजक रामनिवास जाट, महेश शुक्ला, मजीद खान, शैलेंद्र शर्मा और राजेश बिलिया के निर्देशन में किया गया। रैली में मुख्य रूप से करतार सिंह राजपूत, पीयूष राठौर, संतोष मालवीय, करुणा मालवीय, अशोक देवराले, हरगोविंद दुबे सहित अनेक शिक्षक शामिल हुए।
