रीवा के गढ़ थाना क्षेत्र के कोलहा गांव निवासी युवांक मिश्रा लापता है। वह अपने पिता के साथ लालगांव बाजार गया था। गैस सिलेंडर लेने की बात कहकर पिता से अलग होने के बाद वह वापस नहीं लौटा। देर रात उसने पिता के मोबाइल पर अपना एक वीडियो भेजा। वीडियो में ऑनलाइन गेम के जरिए पैसों के लेनदेन और जान से मारने की धमकी मिलने की बात कही। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। युवक के पिता सत्यनारायण मिश्रा वह दिल्ली में रहते हैं। एक दिन पहले ही अपने गांव आए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पिता के मोबाइल पर वीडियो भेजा देर रात युवांक ने अपने पिता के मोबाइल पर खुद का बनाया हुआ वीडियो भेजा। वीडियो में उसने ऑनलाइन गेम के जरिए कुछ युवकों के साथ पैसों के लेनदेन की बात कही। युवांक ने वीडियो में बताया कि जिन लोगों का पैसा ऑनलाइन गेम में डूब गया है। वे उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसकी तलाश कर रहे हैं। वीडियो भेजने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पिता ने थाने में दी सूचना युवक के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर युवक की तलाश शुरू कर दी है। संभावित स्थानों पर उसकी पतासाजी की जा रही है। पुलिस वीडियो में बताए गए तथ्यों और ऑनलाइन गेम के जरिए हुए पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है। अब जानिए…ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड कैसे हो रहा? ऑनलाइन गेमिंग में साइबर ठग टीनएजर्स और युवाओं की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। ठग खुद को गेम का ‘प्रो प्लेयर’ या ‘सेलर’ बताकर संपर्क करते हैं। वे इन्हें गेम चैट, सोशल मीडिया या फेक ऐप्स के जरिए लालच देते हैं, जैसे “तुम्हारी आईडी अपग्रेड कर दूंगा, नए स्किल मिलेंगे या अनलिमिटेड कॉइन्स मिलेंगे।” टीनएजर्स उनकी बात पर विश्वास कर लेते हैं और पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। कई बार ठग फेक गिफ्ट कार्ड्स या चीट कोड्स बेचते हैं, जो काम ही नहीं करते। भारत में ऑनलाइन गेमिंग स्कैम क्यों बढ़ रहे हैं? भारत में ऐसे स्कैम इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि भारत में गेमिंग एप्स के सब्सक्रिप्शन आसानी से मिल जाते हैं। ठग अक्सर फिशिंग लिंक्स भेजते हैं, जो डिवाइस हैक कर लेते हैं और बैंक डिटेल्स चुरा लेते हैं।
