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महिला टीचर ने बच्ची को पीटा, कान का पर्दा फटा:छात्रा बोली- मैम ने थप्पड़ मारे, दर्द हो रहा; कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में पुष्पा इंग्लिश मीडियम स्कूल की पहली कक्षा की छात्रा को महिला टीचर ने पीटा। बच्ची के कान के पर्दे फट गए हैं। सुनने में परेशानी हो रही है। दर्द की वजह से चक्कर आने लगते हैं। परिजन ने कलेक्टर से टीचर के खिलाफ शिकायत की है। परिजन की शिकायत के अनुसार, घटना 15 जुलाई 2026 की है। छात्रा शाम्भवी तिवारी रोज की तरह पुष्पा इंग्लिश मीडियम स्कूल गई थी। स्कूल में हिंदी की टीचर अमृता सिंह ने बच्ची के साथ मारपीट की। छुट्टी के बाद घर पहुंची बच्ची ने परिजन को कान में दर्द और सुनाई नहीं देने की जानकारी दी। पिता बच्ची को लेकर स्कूल पहुंचे बच्ची की हालत देखकर पिता राजेश तिवारी उसे लेकर स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य को घटना की जानकारी दी। प्राचार्य के सामने संबंधित टीचर ने मारपीट की बात स्वीकार की। इसके बाद परिवार ने इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क किया। परिजन बच्ची को इलाज के लिए डॉ. अमित जैन के पास ले गए। जांच में डॉक्टर ने बच्ची के कान के पर्दे में छेद होने की जानकारी दी। मारपीट के बाद से बच्ची को कान में दर्द, कम सुनाई देना और चक्कर आने की परेशानी हो रही थी। घटना के बाद 1 अगस्त को बच्ची का नाम स्कूल से काट दिया गया। बच्ची की मां बोलीं- 4-5 दिन से पीट रही थी टीचर बच्ची की मां निधि तिवारी ने बताया- मैम उसे लगातार 4-5 दिन से पीट रही थीं। हम लोगों ने यह सोचकर अनसुना कर दिया कि बच्ची है, शायद झूठ बोल रही है। वह कहती थी कि ‘मैम ने हमें मारा है’, लेकिन हमने थोड़ी लापरवाही कर दी और उसे स्कूल भेजते रहे। इसके बाद जब वह दोबारा स्कूल गई तो मैम ने फिर उसे पीटा। बच्ची ने मैम से पूछा था कि मैम, हमें यह समझ में नहीं आ रहा। इसके बाद टीचर ने 2-3 थप्पड़ मार दिए। इसके बाद उसके कान में दर्द होने लगा। कान का पर्दा फट गया। घटना के बाद प्रधानाचार्य ने बच्ची का पूरा इलाज कराने का आश्वासन दिया था। बाद में हम लोग ग्वालियर का बिल लेकर वहां गए तो कहा गया कि ‘आप दोनों निपट लो आपस में, हम कुछ नहीं कर सकते। पिता बोले- इलाज का आश्वासन दिया, बाद में स्कूल से भेज दिया बच्ची के पिता राजेश तिवारी ने बताया- मैम से बच्ची ने कुछ पूछा होगा, तो उन्होंने उसे दो-तीन चांटे मार दिए। कान में चोट लगने के कारण कान के पर्दे में छेद हो गया है। टीकमगढ़ में बच्ची को दिखाने के बाद उसे ग्वालियर ले गए। इसके बाद हम मैम के पास गए, लेकिन उन्होंने मेरी फाइल भी नहीं देखी। मुझे वहां से कह दिया कि ‘घर जाइए।’ बच्ची का नाम भी काट दिया। उन्होंने कहा कि ‘आप लोग आते रहते हैं, हमें बार-बार परेशान करते हैं। हम डॉक्टर के पास गए तो पता चला कि कान में छेद हो गया है। पिता राजेश तिवारी ने पुलिस अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने, घटना की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधन बोला- परिजनों ने खुद टीसी के लिए आवेदन दिया स्कूल प्रबंधन ने परिजन के आरोपों को गलत बताया है। पुष्पा इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर अजीज जॉर्ज का कहना है कि स्कूल प्रबंधन बच्ची का हर संभव इलाज कराने के लिए तैयार है। जिस टीचर पर आरोप लगाए गए हैं, उनके परिजन भी बच्ची के इलाज के लिए तैयार थे। प्रिंसिपल के मुताबिक, 1 अगस्त तक स्कूल में बच्चों के टेस्ट हुए और बच्ची ने भी सभी टेस्ट दिए थे। उनका कहना है कि 2 अगस्त को बच्ची के परिजन ने टीसी के लिए फॉर्म भरकर दिया था। स्कूल प्रबंधन ने बच्ची का नाम अपनी ओर से नहीं काटा, बल्कि परिजनों ने स्वेच्छा से नाम कटवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कलेक्टर ने DEO को दिए जांच के निर्देश कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया- जनसुनवाई में एक छोटी बच्ची और उसके अभिभावक मेरे सामने आए थे। एक आवेदन भी दिया गया है कि स्कूल में बच्ची के साथ मारपीट हुई और उसके कान में तकलीफ हुई है। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर लगता है। उन्होंने कहा- आज के समय में बच्चों पर इस प्रकार हाथ उठाना बिल्कुल भी जस्टिफाइड नहीं है। हालांकि, दूसरे पक्ष को भी सुनना जरूरी है। पूरी स्थिति की जानकारी लेने के लिए मैंने जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

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