कंधे पर कांवड़ और जुबां पर ‘बोल बम’… पहली बार कांवड़ यात्रा में शामिल हुईं हर्षानंद के लिए यह अनुभव सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं की आस्था को करीब से देखने का अवसर भी रहा। गोलू शुक्ला की 24 साल पुरानी कांवड़ यात्रा के उज्जैन पहुंचने पर उन्होंने कहा कि यात्रा में युवाओं की श्रद्धा और एक-दूसरे के प्रति सहयोग का भाव देखने लायक है। उन्होंने कहा कि ‘भोले’ के जयकारों के बीच सनातन संस्कृति से जुड़ाव साफ नजर आता है। हर्षानंद पूरी यात्रा में शामिल नहीं रहीं। वे यात्रा के पहले दिन और उज्जैन पहुंचने के दौरान कांवड़ियों के साथ रहीं। उनके मुताबिक पहली बार कांवड़ उठाने का अनुभव उनके लिए बेहद खास और सौभाग्यपूर्ण रहा। खास बात यह रही कि यात्रा में बड़ी संख्या में युवा शामिल थे और पूरा रास्ता ‘हर-हर महादेव’ व ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। देर रात उज्जैन पहुंची यात्रा, टावर चौक पर भव्य स्वागत नर्मदा जल लेकर निकली गोलू शुक्ला की कांवड़ यात्रा देर रात उज्जैन पहुंची। टावर चौक पर शहर के श्रद्धालुओं और युवाओं ने कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। डीजे की धुन पर शिवभक्त झूमते हुए आगे बढ़े। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाई नारायण यादव भी शामिल हुए। शिव, कृष्ण और मीरा की झांकियां रहीं आकर्षण कांवड़ यात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश देने वाली झांकियां भी शामिल थीं। भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों के साथ भगवान श्रीकृष्ण और मीरा की भक्ति को दर्शाती झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। 50 कांवड़ियों से शुरू हुई थी यात्रा आयोजकों के मुताबिक इस यात्रा की शुरुआत 24 साल पहले महज 50 कांवड़ियों के साथ हुई थी। उस समय कांवड़ यात्रा को लेकर समाज में अलग तरह की धारणा थी और कांवड़ लेकर निकलने वालों को लोग ‘भेरूपिया’ तक कह देते थे। आज यही यात्रा हजारों शिवभक्तों के बड़े धार्मिक आयोजन में बदल चुकी है। इस बार इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हुए। युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक यात्रा के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और सनातन संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया जा रहा है। वर्षों से चल रही इस यात्रा को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। दूसरे सोमवार को होगा बाबा महाकाल का जलाभिषेक कांवड़ यात्री नर्मदा नदी का पवित्र जल लेकर उज्जैन पहुंचे हैं। विधायक गोलू शुक्ला के मुताबिक सावन के दूसरे सोमवार को इसी जल से बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया जाएगा। यात्रा के उज्जैन पहुंचने के साथ ही महाकाल की नगरी में शिवभक्ति का रंग और गहरा गया।
