राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के NH-52 पर रविवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे में 4 साल के बच्चे की मौत हो गई। दोलाज गांव के पास तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर बैठी महिला उछलकर दूर जा गिरी, जबकि उसका पति और 4 साल का बेटा बाइक समेत कंटेनर के नीचे फंस गए। चालक ने वाहन रोकने के बजाय दोनों को करीब 100 फीट तक घसीट दिया। कुछ दूर जाकर कंटेनर सड़क से नीचे उतरकर फंस गया। चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग निकला। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कंटेनर के नीचे फंसे पिता-पुत्र को बाहर निकाला। घायल महिला को भी संभाला। पुलिस को सूचना दी गई, इसके बाद डायल-112 से तीनों घायलों को खिलचीपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में 4 साल के रविराज की हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे में सिर पर चोट लगने के साथ बच्चे ने कीचड़ और गोबर एस्पिरेट कर लिया था। डॉक्टरों ने उसकी सांस की नली से कीचड़ और गोबर निकाला। उसे ऑक्सीजन दी गई। हालत बिगड़ने पर महिला डॉक्टर ओशिन रेड्डी ने करीब 15 मिनट तक CPR दिया, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच सकी। एंबुलेंस के लिए तीन बार फोन, 45 मिनट तक इंतजार
हादसे के बाद बच्चे समेत तीनों घायलों को हायर सेंटर ले जाने की जरूरत थी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, 108 एंबुलेंस के लिए, अस्पताल के स्टाफ ने तीन बार फोन किया, लेकिन करीब 45 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान रविराज की हालत लगातार बिगड़ती रही। डॉक्टरों ने एंबुलेंस का इंतजार करते हुए अस्पताल में ही बच्चे को बचाने के लिए उपचार जारी रखा। ऑक्सीजन देने के साथ सांस की नली से कीचड़ और गोबर निकालने का प्रयास किया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर करीब 15 मिनट तक CPR दिया गया। इसके बावजूद बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। इसके बाद घायल माता-पिता को हायर सेंटर रेफर किया गया। बीएमओ बोले- समय पर एंबुलेंस आती तो बच्चे को बचाने की संभावना थी
खिलचीपुर सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. कमल दांगी ने बताया कि मां, पिता और बच्चा तीनों हादसे में घायल होकर अस्पताल आए थे। बच्चे ने कीचड़ और गोबर एस्पिरेट कर लिया था। सांस की नली से इसे निकालने का प्रयास किया गया। उसे ऑक्सीजन और CPR दिया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। बीएमओ ने बताया कि माता-पिता को हायर सेंटर रेफर किया गया था। एंबुलेंस के लिए शुरुआत से ही कॉल किया गया था। हमारे स्टॉप के द्वारा तीन बार फोन करने के बाद भी करीब 45 मिनट से ज्यादा समय तक एंबुलेंस नहीं आई। उनके अनुसार, यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती और बच्चे को तत्काल राजगढ़ ले जाया जाता तो उसे बचाने की संभावना हो सकती थी। दर्शन के बाद ससुराल जा रहा था परिवार
छापीहेड़ा थाना क्षेत्र के धुआंखेड़ा गांव निवासी अनार भिलाला (35) खेती किसानी का काम करता है। रविवार सुबह करीब 10 बजे पत्नी राजन बाई (33) और बेटे रविराज (4) के साथ बाइक से खिलचीपुर के बिराजी महाराज मंदिर में दर्शन करने आया था। दर्शन के बाद तीनों भोजपुर थाना क्षेत्र के मालीपुरा स्थित ससुराल जा रहे थे। खिलचीपुर से करीब 5 किलोमीटर दूर दोलाज गांव के पास राजस्थान की ओर से आ रहे कंटेनर ने बाइक को टक्कर मार दी। राजन बाई उछलकर दूर जा गिरीं, जबकि अनार और उसका बेटा रविराज बाइक समेत कंटेनर के नीचे फंस गए। लोग रोकने के लिए आवाज लगाते रहे, कंटेनर नहीं रुका
हादसे के बाद कंटेनर चालक ने वाहन नहीं रोका। पिता-पुत्र को बाइक समेत करीब 100 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। ग्रामीणों ने चालक को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। आगे जाकर कंटेनर सड़क से नीचे उतरकर फंस गया। इसके बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पहले घायल राजन बाई को संभाला। इसके बाद कंटेनर के नीचे फंसे अनार और उसके बेटे को बाहर निकाला। एंबुलेंस नहीं आने पर पुलिस की डायल-112 टीम ने तीनों को खिलचीपुर अस्पताल पहुंचाया। पिता का पैर टूटा, मां भी घायल
हादसे में अनार भिलाला का एक पैर टूट गया और चेहरे पर गंभीर चोट आई है। राजन बाई के हाथ, पैर और मुंह पर चोट लगी है। दोनों का प्राथमिक उपचार करने के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। वहीं मासूम रविराज की मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की सांस की नली से कीचड़ और गोबर निकला है। सिर में चोट और सांस की गंभीर समस्या के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे की जांच की जा रही है।
