Homeमध्यप्रदेशगुमटियां हटाने को लेकर निगम में हाई वोल्टेज ड्रामा:नेता प्रतिपक्ष बोली- पूरे...

गुमटियां हटाने को लेकर निगम में हाई वोल्टेज ड्रामा:नेता प्रतिपक्ष बोली- पूरे इंदौर की गुमटियां हटाइए’; अपर आयुक्त बोले-जहां शिकायत मिलेगी, वहीं होगी कार्रवाई

इंदौर नगर निगम द्वारा शहर में गुमटियां और अवैध ठेले हटाने की कार्रवाई को लेकर गुरुवार को निगम मुख्यालय में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के हितग्राहियों के साथ निगम मुख्यालय पहुंचीं और अपर आयुक्त आकाश सिंह से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हो गई और कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन चुनिंदा गुमटियों और ठेलों पर ही कार्रवाई कर रहा है, जबकि शहर में कई स्थानों पर अवैध गुमटियां लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का पालन कराना है तो पूरे शहर में समान रूप से कार्रवाई की जाए, न कि गरीब और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया जाए। सोनिला मिमरोट बोलीं- पूरे शहर में एक जैसी कार्रवाई कीजिए सोनिला मिमरोट ने अपर आयुक्त से कहा कि यदि निगम गुमटियां हटा रहा है तो पूरे इंदौर में लगी सभी अवैध गुमटियों पर एक साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ कुछ लोगों के ठेले और गुमटियां हटाना न्यायसंगत नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई हितग्राहियों के ठेले जब्त कर लिए गए, लेकिन उन्हें वैकल्पिक स्थान भी उपलब्ध नहीं कराया गया। तीन तस्वीरें देखिए अपर आयुक्त बोले- जहां शिकायत मिलेगी, वहां होगी कार्रवाई बहस के दौरान अपर आयुक्त आकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि निगम कहीं भी गुमटियां लगाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध गुमटी या अतिक्रमण की जानकारी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से ऐसे स्थानों की सूची देने को भी कहा, ताकि वहां भी कार्रवाई कराई जा सके। स्ट्रीट वेंडरों ने भी रखी परेशानी बैठक के दौरान पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। उनका कहना था कि निगम ने उनके ठेले जब्त कर लिए हैं, लेकिन न तो उन्हें हॉकर्स जोन में जगह दी जा रही है और न ही जब्त सामान वापस मिल रहा है। कई हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर चुनिंदा लोगों को छोड़कर केवल उनके ठेले हटाए गए। पांच मिनट तक गरमाया माहौल
तीखी बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार आवाजें ऊंची हुईं। नेता प्रतिपक्ष ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया, जबकि अपर आयुक्त ने नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की बात दोहराई। आखिर में अपर आयुक्त ने सभी शिकायतों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here