ई-कामर्स, होम डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट बढ़ने से शहर में हर दिन 550 वाहन सड़कों पर आ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इनमें से 49 वाहन कमर्शियल हैैं, यानी कारोबार बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इन वाहनों की संख्या करीब दोगुना हो गई है। इंदौर आरटीओ में जनवरी से जुलाई तक के सात महीनों में 10 हजार 286 नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में इसमें और बढ़ोतरी होगी। अभी त्योहारी सीजन आना बाकी है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी मालवाहक गुड्स करियर वाहनों में दर्ज की गई है। सात महीने में 3,143 नए मालवाहक वाहन रजिस्टर्ड हुए हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों, ऑनलाइन शॉपिंग, क्विक कॉमर्स और होम डिलीवरी सेवाओं के विस्तार के कारण छोटे और मध्यम मालवाहक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। वहीं ट्रैक्टर, मोटर कैब, ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और स्कूल बसों के पंजीयन में भी बढ़ोतरी हुई है। उधर, आरटीओ प्रदीप शर्मा ने कहा हर दिन इंदौर आरटीओ में 550 से ज्यादा नए वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं, इनमें 49 वाहन कमर्शियल हैं। इधर, पार्किंग भी एक समस्या कमर्शियल वाहनों के बढ़ने से इससे जहां कारोबार और परिवहन क्षेत्र को गति मिली है, वहीं पार्किंग और सड़क पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। शहर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर वाहन पार्क करना पड़ते हैं। वाहनों में कितनी बढ़ोतरी स्कूली बसें भी 25 फीसदी तक बढ़ी (जानकारी परिवहन विभाग के अनुसार) शहर में इन क्षेत्रों में बढ़ रही वाहनों की भीड़ शहर में कमर्शियल वाहनों की बढ़ती संख्या का सीधा असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। प्रमुख बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, ट्रांसपोर्ट नगर, एमआर-10, एबी रोड, बायपास और व्यस्त चौराहों पर दिनभर मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पार्किंग की समस्या भी बढ़ रही है।
