क्राइम ब्रांच की फर्जी अफसर बनकर ड्रग तस्करी का आरोप लगाकर लूट करने वाली पवित्रा के खिलाफ शहर अलग-अलग थानों में मारपीट के 5 मामले पहले से दर्ज हैं। यही नहीं, भोपाल में लव जिहाद के दो चर्चित मामलों में पीड़ित पक्ष की ओर से यही पवित्रा गवाह है। श्यामला हिल्स थाने के केस में पवित्रा ने खुद को प्राइवेट टीचर बताया है तो कोहेफिजा थाने में दर्ज मामले में खुद को वकील बताया है। एडवोकेट जगदीश गुप्ता कहते हैं, पवित्रा लालजी खुद को भोपाल कोर्ट में वकील बताती हैं। लेकिन, हमने जानकारी निकलवाई तो पता चला कि वह भोपाल बार एसोसिएशन में नहीं, बल्कि जबलपुर में रजिस्टर्ड है। वो 5 केस… कहीं खुद को टीचर बताया तो कहीं एडवोकेट 1. बार मैनेजर से मारपीट : डीएंडडी बार के मैनेजर की शिकायत पर जहांगीराबाद पुलिस ने पवित्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, बार बंद होने के बाद बीयर न मिलने पर पवित्रा ने मैनेजर के सिर पर गिलास मार दिया। 2. व्यापारी की कार तोड़ी और पीटा: व्यापारी अमित तलरेजा की शिकायत के अनुसार, हलालपुर में फैजान उर्फ मछली ने पवित्रा और ईशा सोनी के साथ व्यापारी को पीटा, कार के कांच तोड़े। 3. मारपीट और धमकी का केस: ऐशबाग थाने में एक युवती ने एफआईआर दर्ज कराई कि उसके द्वारा दोस्ती तोड़ने से नाराज माज अंसारी ने अपनी मुंहबोली बहन पवित्रा और साथी राबिन राय के साथ मिलकर रोशन अस्पताल के पास उसे डंडे-घूंसों से पीटा। 4. चार युवतियों पर एफआईआर : हबीबगंज थाने में सीहोर निवासी आयुषी शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी शिवानी पटेरिया, खुशी पांडेय, पवित्रा और ईशा सोनी ने पीटा और धमकी दी। 5. युवतियों से मारपीट : एमपी नगर पुलिस ने आयुषी, पवित्रा और रॉबिन पर केस किया है। आरोप है कि इन्होंने एक युवती और उसकी बहन के साथ धक्का-मुक्की और छेड़छाड़ कर धमकी दी। इन मामलों में गवाह है पवित्रा कोहेफिजा : दुष्कर्म और लव जिहाद का मामला। पवित्रा ने पुलिस को बताया कि वो पीड़िता के भाई की परिचित है। उसके भाई ने बताया था कि आरोपी औसाफ और माज ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाई और ब्लैकमेल कर रहे हैं।
श्यामला हिल्स : इसमें पवित्रा ने गवाही दी कि वो पीड़िता की मां को जानती है। उसने बताया था कि आरोपी ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। जिसके बाद पवित्रा ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई। इस मामले में पीड़िता ने हाल में खुदकुशी कर ली है। आरोपियों ने गलत किया था। जिसकी शिकायत पीड़िताओं ने मुझसे की थी। मैनें साथ जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसलिए मुझे गवाह बनाया है। -पवित्रा लालजी पुलिस ने जिसे गवाह बनाया है, वो घटना के समय मौजूद होगा। ऐसे व्यक्ति को आपराधिक केस होने पर भी गवाह बना सकते हैं। -नीलम पटवा, टीआई, श्यामला हिल्स
