दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी संगठन कड़ी कार्रवाई करके प्रदेश में कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन का संदेश देना चाहती है। भाजपा ने दतिया के जिला अध्यक्ष से लेकर जिला कार्यकारिणी, मोर्चा, प्रकोष्ठ, मंडल और विभाग की जिला टीम हटा दी है। प्रदेश संगठन को मिली शिकायतों में यह बताया गया है कि शहरी क्षेत्र में भाजपा के अधिकांश पार्षदों ने पार्टी के पक्ष में कैम्पेनिंग नहीं की। यहां तक कि जो भाजपा के कोर वोटर माने जाते हैं उन्हें मतदान करने के लिए मोबिलाइज नहीं किया। इससे बीजेपी को शहरी क्षेत्र में हार मिली और कांग्रेस को लीड मिली। पार्टी को यहां तक खबर मिली है कि कुछ पार्षदों ने तो पार्टी के पक्ष में काम कर रहे छोटे कार्यकर्ताओं को रोकने का भी काम किया। शहरी क्षेत्र में महिला वोटर्स का प्रतिशत घटने से पार्टी को लाडली बहना जैसी स्कीम का शहर में ही फायदा नहीं मिल पाया। अब बीजेपी संगठन ऐसे पार्षदों द्वारा किए गए भितरघात के सबूतों की जांच के बाद एक्शन लेने की तैयारी में हैं। बीजेपी ने सागर के संभागीय प्रभारी गौरव रणदिवे और चंबल संभाग में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा को जांच समिति में शामिल किया है। जांच समिति में शामिल दोनों नेता जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद दो स्तर पर कार्रवाई होगी। भाजपा की हार का अंतर बढ़कर 5604 भाजपा ने 6 मंडलों के 46 शक्ति केंद्रों पर पूरा जोर लगाया। लेकिन चुनाव परिणाम के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि, 2023 में भाजपा पूरे नगर पालिका क्षेत्र में 2691 वोटों से पीछे रही थी। लेकिन 2026 के उपचुनाव के आंकड़े बताते हैं कि नगर मंडल में भाजपा की हार का अंतर बढ़कर 5604 हो गया है। भाजपा के लिए शहर के अंतर में 2913 वोटों का और नुकसान हुआ, जो उपचुनाव में हार का सबसे बड़ा कारण बना। नए जिलाध्यक्ष के लिए आशुतोष और घनश्याम के नाम दतिया में नए जिलाध्यक्ष की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया और हाल ही में चुनाव हारे आशुतोष तिवारी के नाम चर्चा में हैं। घनश्याम पिरोनिया दलित वर्ग से आते हैं। आजाद समाज पार्टी के दलित वोटरों को साधने के लिए भाजपा उन्हें जिलाध्यक्ष बना सकती है। वहीं, यदि पार्टी नरोत्तम के खिलाफ कड़ा संदेश देना चाहती है तो आशुतोष तिवारी को जिलाध्यक्ष बनाकर उन्हें मजबूत नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर सकती है। ये खबर भी पढ़ें… दतिया उपचुनाव हार के बाद भाजपा जिला कार्यकारिणी भंग दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। पार्टी नेतृत्व ने जिला कार्यकारिणी समेत दतिया के सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ये एक्शन हार की समीक्षा के लिए बनाई गई विशेष समिति की रिपोर्ट पर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
