आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इंदौर ने मंगलवार को एमवाय अस्पताल (MYH) में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सरकारी दवाओं के स्टॉक में कथित गड़बड़ी कर आय से 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच के दौरान बिना विभागीय अनुमति थाईलैंड यात्रा करने का भी खुलासा हुआ है। EOW के अनुसार राकेश गोरखे की साल 2007 में फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्ति हुई थी। साल 2015 में उनका मासिक वेतन 18,711 रुपए था, जो 2025 में बढ़कर 54,664 रुपए हो गया। उनकी पत्नी कीर्ति गोरखे वर्ष 2010 से शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन हैं और वर्तमान में उनका मासिक वेतन 42,402 रुपए है। 1.11 करोड़ की आय, 2.13 करोड़ की संपत्ति जांच में सामने आया कि जांच अवधि (चेक पीरियड) के दौरान दंपती की कुल वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपए रही, जबकि उनके पास 2 करोड़ 13 लाख 85 हजार रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति मिली। यह उनकी वैध आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक है। छह संपत्तियां मिलीं EOW की कार्रवाई में इंदौर के अलग-अलग इलाकों में स्थित छह संपत्तियों का खुलासा हुआ। इनमें स्कीम नंबर-140 स्थित वृंदावन गार्डन का दो मंजिला मकान, साकार एनआरआई सिटी का बड़ा प्लॉट, साहिल इंद्रांचल होम्स, संघवी रेजीडेंसी और सद्गुरु नंदी विहार में प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा ओमेक्स डेवलपर्स में प्लॉट बुकिंग के लिए 6.70 लाख रुपए का भुगतान भी मिला है। थाईलैंड यात्रा और नकदी भी जांच के दायरे में छापेमारी के दौरान जब्त पासपोर्ट से पता चला कि राकेश गोरखे अक्टूबर 2023 में बिना विभागीय अनुमति थाईलैंड गए थे। EOW अब इस विदेश यात्रा पर हुए खर्च का भी आकलन कर रही है और उसे आरोपी के कुल व्यय में शामिल किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान टीम ने छह संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक पासबुक, पासपोर्ट और 1.51 लाख रुपए नकद भी जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कई संपत्तियों की जानकारी अपने विभाग को नहीं दी थी। फिलहाल दस्तावेजों की जांच और संपत्तियों के सत्यापन की कार्रवाई जारी है।
