महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि CJP फिलहाल राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- अभी भारत को एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है, इसलिए CJP फिलहाल उसी भूमिका में काम करेगी। दीपके ने कहा- अगर हम राजनीतिक पार्टी बनाते, तो हमारा आंदोलन सफल नहीं होता। आंदोलन इसलिए सफल हुआ, क्योंकि अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलों के लोग लोकतंत्र को कमजोर करने वाली चीजों के खिलाफ एक साथ आए। आज भारत को किसी नई राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक मजबूत जन आंदोलन की जरूरत है। छत्रपति संभाजीनगर में CJP की आज से दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में दीपके ने बताया कि इसमें जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, E20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि संगठन को देशभर में कैसे मजबूत किया जाए। दीपके बोले- झारखंड के प्रदर्शन में जाएंगे, 3 बड़ी बातें… CJP ने कहा- छात्रों पर दर्ज FIR हटाने के लिए सरकार से बातचीत जारी CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस कराने की मांग को लेकर सरकार से बातचीत चल रही है। घायल प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद देने की भी तैयारी की जा रही है। सौरव ने बताया कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक संगठन के मेंटर बने रहेंगे और संगठन समय-समय पर उनसे सलाह लेगा। 36 दिन तक जंतर-मंतर पर चला CJP का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान हजारों छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन में शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे। 20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी। CJI के बयान के बाद ऑनलाइन कैंपेन से बनी कॉकरोच पार्टी सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने युवाओं को कॉकरोच कहा था। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसके बाद अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अभिजीत दीपके ने विरोध के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान शुरू किया। सोशल मीडिया पर यह अभियान तेजी से वायरल हुआ और बड़ी संख्या में छात्र इससे जुड़ते गए। देखते ही देखते यह ऑनलाइन मुहिम एक संगठित छात्र आंदोलन में बदल गई। इसके बाद दीपके ने नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। दीपके 6 जून को अमेरिका से लौटे, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से भारत लौटे थे। इसी दिन CJP का दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहला प्रदर्शन हुआ। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। जेन-जी से मिले समर्थन के बाद यह आंदोलन चर्चा में आया। दिल्ली के बाद CJP का आंदोलन देश के दूसरे शहरों में भी पहुंचा। महाराष्ट्र के अभिजीत AAP के साथ काम कर चुके 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं। पेशे से डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। कॉकरोच पार्टी ने स्टूडेंट्स की लीगल मदद के लिए फंड बनाया कॉकरोच जनता पार्टी ने 27 जुलाई को पेपर लीक आंदोलन के बाद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने की घोषणा की थी। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इस कोष में योगदान देने की अपील की थी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया था कि इस मामले में CJP सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें…
