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16 घंटे पहले साजिश, फिर 28 गोलियों से डबल मर्डर:मुरैना में दो पंचायतें, थाने में शिकायत; सरकारी जमीन विवाद में दो सगे भाइयों की हत्या

मुरैना के हटूपुरा गांव में दो सगे भाइयों की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी। परिजनों का दावा है कि इसकी साजिश एक रात पहले ही रच ली गई थी। आरोप है कि आरोपी पक्ष ने अवैध हथियारों के साथ छह अज्ञात बदमाशों को गांव बुलाया और अपने घर में ही ठहराया। रविवार सुबह जैसे ही राजवीर गुर्जर, अजब सिंह गुर्जर और उनके परिजन विवादित सरकारी जमीन की ओर बढ़े, पहले से छत और पत्थर की बाउंड्री की ओट में छिपे बदमाशों ने .315 बोर और 12 बोर की बंदूकों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार मौके से अब तक 28 कारतूस बरामद हुए हैं। फायरिंग में राजवीर गुर्जर और अजब सिंह गुर्जर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे भाई धीरेंद्र गुर्जर और अजब सिंह के बेटे विकास गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों का ग्वालियर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला रविवार दोपहर करीब 12 बजे सुमावली थाना क्षेत्र के हटूपुरा गांव में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच शासकीय जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर गोलियां बरसा दीं। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। सुरक्षा के लिहाज से मृतकों के घर पर पुलिस गार्ड तैनात किया गया है। दैनिक भास्कर की टीम घटनास्थल और हटूपुरा गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों से बातचीत में सामने आया कि विवाद केवल शासकीय जमीन पर कब्जे को लेकर था, जो कई वर्षों से चला आ रहा था। ग्रामीणों के अनुसार गांव के बाहर मुख्य सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन है। सड़क के एक तरफ आरोपी पक्ष का कब्जा है, जहां उन्होंने दो मकान भी बना लिए हैं। दूसरी ओर फरियादी पक्ष का कब्जा है, जहां वे मकान बनाना चाहते थे। आरोप है कि आरोपी पूरी जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, जबकि मृतक पक्ष इसका विरोध कर रहा था। परिजनों का कहना है कि इस विवाद को लेकर कई बार सुमावली थाने में आवेदन दिए गए, पंचायतें भी हुईं, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। घटना से एक दिन पहले हुई थी पंचायत घटना से एक दिन पहले शनिवार को हटूपुरा गांव में पंचायत बुलाई गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक पंचों ने दोनों पक्षों से कहा था कि जिस हिस्से पर जिसका कब्जा है, उसी पर शांतिपूर्वक रहें। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष इस फैसले से संतुष्ट नहीं था। रविवार सुबह फिर हुई पंचायत, इसके बाद बरसने लगीं गोलियां रविवार सुबह आरोपी पक्ष के सड़क किनारे बने मकानों के सामने दोबारा पंचायत हुई। पंचों ने फिर वही फैसला सुनाया कि दोनों पक्ष अपने-अपने कब्जे वाली जमीन पर रहें। परिजनों का आरोप है कि पंचायत खत्म होते ही नाथूराम गुर्जर, छोटेलाल गुर्जर, सत्यपाल गुर्जर, सचिन गुर्जर, सुमित गुर्जर, गोलू गुर्जर, लवकुश गुर्जर और उनके साथ आए छह अज्ञात बदमाश पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही राजवीर, अजब सिंह, धीरेंद्र और विकास अपनी जमीन की ओर बढ़े, छत और पत्थर की दीवार की ओट से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। इस हमले में दो भाइयों की मौके पर मौत हो गई, जबकि धीरेंद्र और विकास गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस को एक रात पहले ही दे दी थी सूचना मृतकों के भतीजे पवन गुर्जर ने सुमावली थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन के मुताबिक शनिवार शाम पंचायत के बाद माहौल सामान्य हो गया था, लेकिन रात करीब 8 बजे आरोपी पक्ष ने फायरिंग शुरू कर दी और जान से मारने की धमकियां दीं। इसके बाद परिवार ने लिखित आवेदन सुमावली थाने में दिया। पवन का आरोप है कि पुलिस गांव तो पहुंची, लेकिन केवल औपचारिकता निभाकर लौट गई। यदि उसी रात आरोपियों के घरों की तलाशी ली जाती तो वहां छिपे बदमाश और हथियार बरामद हो सकते थे। साथ ही यदि दोनों पक्षों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाती तो यह घटना टाली जा सकती थी। आवेदन में लिखा था… सुमावली थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में अशोक सिंह और धीरेंद्र सिंह ने लिखा था कि 1 अगस्त को सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर सचिन, भूरा, नाथूराम, राहुल और छोटे सहित अन्य लोगों ने विवाद किया, झगड़े पर उतारू हो गए और जान से मारने की धमकी दी। आवेदन में कार्रवाई की मांग की गई थी। भाई बोला- अब गांव में डर लगता है मृतक के भाई रिंकू गुर्जर का कहना है कि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों के गांव के आसपास घूमने से पूरा परिवार और गांव दहशत में है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के मकान तोड़ने और परिवार को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की है। भतीजा बोला- अपनों का खून बहना बेहद दुखद मृतकों के भतीजे शैलेंद्र ने कहा कि सरकारी जमीन के लिए अपनों का खून बहना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, “अगर सामाजिक पंचायत सही फैसला करा पाती और पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो आज मेरे चाचा और ताऊ जिंदा होते। समाज के लोग ऐसे विवादों से बचें और झगड़े नहीं करें।” 24 घंटे बाद पहुंची एफएसएल टीम घटना के 24 घंटे बाद एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके से .315 बोर के 22 और 12 बोर के 6 खाली कारतूस मिले हैं। कुल 28 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का अनुमान है कि कुछ कारतूस ग्रामीण बच्चे और मवेशी भी उठा ले गए होंगे। तीन थानों की पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल ने बताया कि सुमावली, नूराबाद और बानमौर थाना पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि घटना से एक रात पहले दिए गए आवेदन की भी जांच कराई जा रही है। यदि पुलिस की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी देखें… 4 लोगों को मारी गोली, 2 भाइयों की मौत:सरकारी जमीन पर घर बनाने के विवाद में फायरिंग मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के हटूंपुरा गांव में रविवार दोपहर 12 बजे सरकारी जमीन पर कब्जा और कांटों की बाड़ लगाने को लेकर 2 पक्षों में विवाद हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की। इसमें 8 लोगों ने 2 भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें

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