भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 43 के पार्षद नसीम गफूर बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 43 के शिवाजी नगर निवासी समीप अग्रवाल ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कीलनदेव टावर्स के बाहर स्थित नाला लंबे समय से खुला और चोक पड़ा था। सफाई नहीं होने के कारण बदबू फैल रही थी और वहां से गुजरना मुश्किल हो गया था। शिकायत पोस्ट होते ही आज की ‘पब्लिक स्टार’ पार्षद नसीम गफूर ने संज्ञान लिया और नाले की सफाई कराई। समाधान की पुष्टि भी पार्षद ने एप पर की, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान नारियल खेड़ा: बदहाल सड़क का मरम्मत कार्य शुरू वार्ड 12 के नारियल खेड़ा निवासी आशीष दमेरिया ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की सड़क लंबे समय से बदहाल थी, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। शिकायत पोस्ट होने के बाद पार्षद देवेंद्र भार्गव ने संज्ञान लेकर सड़क का मरम्मत कार्य शुरू कराया। पार्षद ने बताया कि बारिश के कारण फिलहाल डामर सड़क की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है और शेष कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। समाधान की पुष्टि भी पार्षद ने एप पर की। सड़क, सीवेज और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी बागमुगलिया: तीन-चार महीने से खराब सड़क, हादसे का खतरा वार्ड 53 के कुंदन नगर, बागमुगलिया रोड निवासी उज्ज्वल गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होनें बताया कि बेल संगम चौराहे से 80 फीट रोड जाने वाले मार्ग पर रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के सामने सड़क पिछले तीन-चार महीने से खराब पड़ी है। सड़क पर पानी भरने से फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। जहांगीराबाद: टूटी सीवेज लाइन और बंद स्ट्रीट लाइट से बढ़ी परेशानी वार्ड 43 के न्यू सीआई कॉलोनी, पुलिस लाइन निवासी राहुल परमार ने शिकायत दर्ज कराई है कि कॉलोनी में सीवेज लाइन टूटी हुई है, जिससे गंदा पानी फैल रहा है। इसके साथ ही करीब आधी स्ट्रीट लाइट पिछले नौ महीने से बंद हैं। सड़क की खराब स्थिति और सीवेज समस्या के कारण रहवासियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोला: घरों के ऊपर झुका पीपल का पेड़, आठ परिवारों पर खतरा वार्ड 76 के शंकर नगर रोड, छोला निवासी दीपक साहू ने शिकायत दर्ज कराई है कि पीपल के पेड़ की बड़ी शाखाएं घरों की ओर झुक गई हैं। पेड़ के नीचे करीब आठ घर हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शिकायतकर्ता ने जल्द छंटाई कराने की मांग की है। पीर गेट: सार्वजनिक शौचालय की सफाई नहीं, लोग परेशान वार्ड 19 के पीर गेट निवासी शुभम जाटव ने शिकायत दर्ज कराई है कि भारत टॉकीज से मंगलवार चौराहे तक केवल एक सार्वजनिक शौचालय है, जिसकी नियमित सफाई नहीं होती। कचरा भी नहीं उठाया जाता, जिससे बदबू और गंदगी के कारण दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
