ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने की जरूरत है। यह बात जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने सोमवार को भोपाल स्थित मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) में आयोजित इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026-मध्य प्रदेश अध्याय के उद्घाटन सत्र में कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्टार्टअप तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन अब उनकी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का प्रभावी समावेशन जरूरी है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत आर्थिक सहायता के साथ महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की प्रतिभाओं को निखारकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना आवश्यक है। दूसरे दशक में TRI का नया फोकस वर्ष 2016 में स्थापित ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर स्थानीय नेतृत्व आधारित समावेशी विकास के लिए कार्य कर रहा है। वर्ष 2026 में अपने दूसरे दशक में प्रवेश करते हुए संस्था ने लैंगिक समानता और समुदाय-आधारित विकास मॉडल को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से आयोजित भारत ग्रामीण संगोष्ठी 2026 के भोपाल संस्करण की थीम ‘मध्य प्रदेश की समृद्धि का सूत्र’ रही। इसमें नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे प्रतिनिधियों ने वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को समृद्ध, जलवायु-अनुकूल और समावेशी ग्रामीण विकास का मॉडल बनाने पर चर्चा की। इन विशेषज्ञों ने रखे विचार कार्यक्रम में पद्मश्री महेश शर्मा (संस्थापक, शिवगंगा समग्र ग्रामविकास परिषद), अनिल कुमार (विशेष पुलिस महानिदेशक, महिला सुरक्षा एवं कल्याण), लोकेन्द्र ठाक्कर, सिद्धार्थ चतुर्वेदी, नेहा गुप्ता और योगेश कुमार सहित कई विशेषज्ञों ने ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन, महिला सुरक्षा और कौशल विकास पर अपने विचार साझा किए। ज्ञान-पत्र, पुस्तकों और प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन कार्यक्रम में ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किए गए कई ज्ञान-पत्र, पुस्तकों और प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन किया गया। इसमें ये शामिल हैं- महिला एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा से संबंधित प्रशिक्षण मॉड्यूल, ‘कम्युनिटी एक्शन लैब्स के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा’ विषय पर प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट, ग्राम पंचायतों द्वारा नल-जल योजनाओं के प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शिका, जलवायु परिवर्तन, पोषण, स्वच्छता और लैंगिक उत्तरदायी शासन से जुड़े प्रकाशन शामिल रहे। सामुदायिक भागीदारी पर जोर TRI के एसोसिएट डायरेक्टर राजेश सिंह ने कहा कि विकास तभी संभव है, जब सभी क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित हो। वहीं सामुदायिक नेताओं अनीता भाभर और कल्पना मुनिया ने जेंडर, स्थानीय शासन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए। विकास एक साझा सीखने की प्रक्रिया है, जिसमें समाज से सीखना सबसे महत्वपूर्ण है। इन विषयों पर हुए सत्र भारत ग्रामीण संगोष्ठी भारत ग्रामीण संगोष्ठी ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) का प्रमुख राष्ट्रीय आयोजन है। यह इसका छठा संस्करण है, जो असम, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और नई दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में आयोजित किया जा रहा है। इसमें आजीविका, सुशासन, जलवायु अनुकूलता, स्वास्थ्य, तकनीक, लैंगिक समानता और स्थानीय आर्थिक विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श कर ग्रामीण भारत के लिए व्यावहारिक कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं।
