मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। संसद में विपक्ष पर भड़क गए ‘मामा जी’
संसद में ‘मामा जी’ यानी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुस्सा आ गया। वे नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों पर भड़क गए और उनके रवैये को ‘सड़क छाप राजनीति’ तक बता दिया। हुआ यूं कि राज्यसभा में विपक्ष दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बल प्रयोग किए जाने के मामले में चर्चा की मांग कर रहा था। सभापति ने मांग नहीं मानी, तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सदन में सड़क छाप राजनीति की जा रही है। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और सदन की गरिमा को तार-तार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल अराजकता फैलाना और हंगामा करना चाहता है। साथ ही कहा कि देश इन्हें देख रहा है और जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। अब लोग कह रहे हैं कि विरोध, प्रदर्शन और हंगामा भी लोकतंत्र का हिस्सा हैं। सत्ता पक्ष को इन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है। लेकिन ‘मामा जी’ के गुस्से का विपक्ष पर कोई खास असर नहीं हुआ। वे नारेबाजी करते रहे और अपना विरोध जताते रहे। वीडी की अमित शाह से मुलाकात के मायने
खजुराहो से भाजपा सांसद विष्णु दत्त शर्मा दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले। मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर भी शेयर कीं। इसके बाद सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया। लोग इस मुलाकात के मायने तलाशने लगे हैं। कुछ लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या वीडी शर्मा को कोई नई जिम्मेदारी मिलने वाली है? क्या सत्ता या संगठन में उनकी कोई नई भूमिका सामने आ सकती है? बता दें कि वीडी शर्मा मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल ही में उनकी जगह हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई है। फिलहाल वीडी शर्मा सांसद हैं। ऐसे में उनकी अगली भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कहते हैं न… हर तस्वीर कुछ कहती है, कुछ संकेत देती है। अब वीडी शर्मा की इस तस्वीर में सियासत का कौन-सा संदेश छिपा है, ये आने वाला वक्त बताएगा। ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए पेड़ पर चढ़ी नर्स
ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के लिए एक नर्स पेड़ पर चढ़ गई। फिर मोबाइल घुमाकर नेटवर्क तलाशती रही। काफी देर तक नेटवर्क नहीं मिला, लेकिन नर्स ने भी हार नहीं मानी। उसने साफ कह दिया कि काम होने के बाद ही पेड़ से नीचे उतरेगी। इस पूरे वाकये का वीडियो सामने आया है। मामला अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ स्थित गन्नागोडा स्वास्थ्य केंद्र का है। पेड़ पर चढ़ी नर्स यह कहती सुनाई दे रही है कि वह सीएमएचओ मैडम के कहने के मुताबिक कर रही है। साथ ही कहती है कि अब जितना भी समय लगे, अटेंडेंस लग जाएगी, तभी नीचे जाऊंगी। दरअसल, सरकार ने कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था तो लागू कर दी, लेकिन समस्या ये है कि हर जगह नेटवर्क नहीं मिलता। गन्नागोडा स्वास्थ्य केंद्र पर भी यही दिक्कत है। अब जब नौकरी करनी है और अटेंडेंस भी ऑनलाइन लगानी है, तो नर्स ने नेटवर्क के लिए पेड़ को ही ‘नेटवर्क टावर’ बना लिया। यानी सरकार ने ऑनलाइन अटेंडेंस मांगी… नर्स ने भी नेटवर्क पकड़ने के लिए आसमान छू लिया। और अब अंदर की बात.. विरोधी दल की बैठक में ‘पंडित जी’ के लोग
Everything is fair in love and war (एवरीथिंग इज फेयर इन लव एंड वॉर)… अंग्रेजी का ये मुहावरा राजनीति में भी खूब फिट बैठता है। खासकर तब, जब चुनाव हो। सियासतदां हर दांव खेलते हैं। साम, दाम, दंड, भेद… हर चाल चलने से गुरेज नहीं करते। हम ये बात दतिया उपचुनाव को लेकर बता रहे हैं। यहां वोटिंग तो हो गई, लेकिन अब अंदरखाने की बातें धीरे-धीरे छन-छनकर बाहर आ रही हैं। वोटिंग से पहले चुनावी रणनीति को लेकर एक होटल में विरोधी दल की बैठक हुई। मंच पर दिग्गज नेता बैठे थे और सामने कार्यकर्ताओं के बीच ‘पंडित जी’ के लोग भी नजर आए। अब सोचिए… बैठक में क्या खिचड़ी पकी होगी। खास बात ये है कि बैठक से पहले ही होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद करा दिए गए। मकसद साफ था… बैठक में कौन-कौन आया, क्या-क्या हुआ और किसने क्या रणनीति बनाई, इसकी कोई तस्वीर बाहर न आए। यानी बैठक भी हो और सबूत भी न रहे। हालांकि, ये बात बाहर जरूर आ गई कि विरोधी दल के नेताओं ने ‘पंडित जी’ के लोगों की जमकर खातिरदारी की। उन्हें खूब खिलाया-पिलाया गया। नौबत यहां तक आ गई कि होटल की सारी बालूशाही तक खत्म हो गई। कहते हैं, इस बैठक और इसमें बनी रणनीति के पीछे विरोधी दल की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले एक नेता का दिमाग था। अब ये रणनीति कितनी कारगर रही और विरोधी दल का प्लान पास हुआ या फेल… इसका फैसला 3 अगस्त को होगा, जब ईवीएम से नतीजे बाहर आएंगे। इनपुट सहयोग – राजन कुमार (अनूपपुर), दुष्यंत सिकरवार (मुरैना) ये भी पढ़ें –
जब सीएम के हाथ पर लिपट गया जहरीला कोबरा: नरोत्तम मिश्रा ने बताया- मैंने बीजेपी को वोट दिया सीएम डॉ. मोहन यादव तो जादूगर निकले। वे जादू दिखाते थे, वो भी सांप के साथ। खुद सीएम ने इसका किस्सा सुनाया। वे उज्जैन में बन रहे स्नेक पार्क का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जादू दिखाने के बाद कैसे सांप को देखकर उनके दोस्त डर गए और भाग गए। फिर उन्होंने सांप को पकड़ा। जो कोबरा सांप था। पूरी खबर पढ़ें
