बैतूल के जेएच कॉलेज में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान शुक्रवार रात 17 साल की छात्रा प्रतीक्षा वर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ी। चक्कर आने के बाद वह बेहोश हुई, अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि तेज डीजे की आवाज ही मौत की वजह बनी। तेज आवाज से ऐसा क्या असर होता है कि मौत तक हो सकती है, किन लोगों को खतरा ज्यादा होता है?; समझेंगे आज के मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में… सवाल-1: DJ की तेज आवाज का असर दिल पर कैसे होता है, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है? जवाब- हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. आशुतोष प्रसाद त्रिपाठी के मुताबिक, तेज आवाज शरीर पर चार तरह से असर डालती है… A. स्ट्रेस हार्मोन अचानक बढ़ता है: जब बहुत तेज आवाज (जैसे डीजे का बेस) कान के पर्दों से टकराती है, दिमाग इसे खतरे की तरह लेता है। शरीर में एड्रिनेलिन और कोर्टिसोल हार्मोन अचानक बढ़ जाते हैं, खून की नसें सिकुड़ जाती हैं, ब्लड प्रेशर और धड़कन तेज हो जाती है। B. धड़कनें अनियंत्रित होती हैं: डीजे के हैवी बेस की लो-फ्रीक्वेंसी तरंगें शरीर और छाती में कंपन पैदा करती हैं, यह दिल के प्राकृतिक इलेक्ट्रिकल सिस्टम को बाधित कर सकता है। धड़कन असामान्य रूप से तेज या अनियमित (अरिदमिया) हो जाती है, पूरी तरह अनियंत्रित होने पर दिल अचानक काम करना बंद कर सकता है, इसे सडन कार्डियक अरेस्ट कहते हैं। C. साइलेंट ब्लॉकेज भी एक वजह: कई लोगों की धमनियों में पहले से हल्का ब्लॉकेज होता है, जिसका उन्हें खुद पता नहीं होता। तेज आवाज से BP अचानक बढ़ने पर धमनियों में जमा फैट टूट सकता है, तुरंत खून का थक्का बनकर दिल तक खून की सप्लाई रोक देता है, यही हार्ट अटैक कहलाता है। D. दिल के मरीजों को ज्यादा खतरा: जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी है, उनका शरीर तेज आवाज बर्दाश्त नहीं कर पाता। भीड़भाड़, गर्मी और शोर के बीच ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, यही दौरे का कारण बनती है। सवाल-2: बैतूल में प्रतीक्षा के साथ असल में क्या हुआ था? जवाब- घटना शुक्रवार रात की है, बैतूल के जेएच कॉलेज में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान। सवाल-3: क्या तेज आवाज का खतरा सिर्फ दिल के मरीजों को होता है? जवाब- हर शरीर की क्षमता अलग होती है, लेकिन खतरा सिर्फ जाने-पहचाने मरीजों तक सीमित नहीं है। सवाल-4: अगर DJ से इतना जोखिम हो सकता है, तो उसे बजाने के नियम क्या हैं? जवाब- पूरे देश में डीजे-लाउडस्पीकर के लिए ध्वनि प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 लागू है, मध्य प्रदेश भी इसी दायरे में आता है… सवाल-5: लेकिन मौके पर कैसे पता चलेगा कि DJ की आवाज तय सीमा से ज्यादा है? जवाब- इसके लिए टेक्नोलॉजी की मदद ली जा सकती है… मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर की ये कड़ी भी पढ़िए… कैसा होगा 2047 का भोपाल, क्या है मोहन का मास्टर-प्लान- सड़क की चौड़ाई तय करेगी आपका कारोबार भोपाल के मास्टर प्लान 2047 का प्रारूप आखिरकार जारी हो गया है। पिछला मास्टर प्लान 1995 में बना था और उसकी योजना अवधि 2005 तक थी। इसके बाद नया प्लान लागू नहीं हो सका। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए…
