रतलाम के डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की ईडब्ल्यूएस मल्टी में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बकाया राशि का नोटिस देने पहुंची नगर निगम की टीम पर रहवासियों ने पथराव और हमला कर दिया। आरोप है कि विरोध के दौरान महिलाओं को आगे कर कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। पत्थर, गमले और लाठी-डंडों से किए गए हमले में नगर निगम के कई कर्मचारी घायल हो गए, जबकि कवरेज कर रहे एक स्थानीय मीडियाकर्मी को भी चोटें आईं। घायल मीडियाकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुबह 11 बजे पहुंची थी निगम की टीम
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह, इंजीनियर और करीब 25 से 30 कर्मचारियों की टीम शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में बकाया राशि के नोटिस चस्पा करने पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस देने के दौरान कुछ रहवासियों से बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। कर्मचारियों का आरोप है कि अपशब्द कहने से मना करने पर भीड़ उग्र हो गई और महिलाओं को आगे कर हमला कर दिया गया। पत्थर, गमले और लाठियों से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उग्र भीड़ ने निगम कर्मचारियों पर पत्थर, गमले और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हालात ऐसे बन गए कि कर्मचारियों को अपनी जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कर्मचारियों पर हमला और अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक थाना प्रभारी डीएसपी गायत्री सोनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले हमला करने वाले लोग मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सुरक्षा में फिर चस्पा किए गए नोटिस
घटनाक्रम के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने दोबारा कार्रवाई करते हुए बकाया राशि वाले फ्लैटों पर नोटिस चस्पा किए। साथ ही कुछ फ्लैटों के बिजली कनेक्शन भी काटे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बकाया राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। 208 हितग्राहियों को अंतिम नोटिस
नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में रहने वाले 208 हितग्राहियों को अंतिम नोटिस जारी किया है। इन्हें तीन दिन के भीतर 1.80 लाख रुपए की बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं हुआ तो 4 अगस्त से फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई शुरू होगी और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। 396 फ्लैट हुए थे आवंटित
प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी (Affordable Housing in Partnership) घटक के तहत डोसीगांव में शिवशंकर बस्ती के 396 पात्र हितग्राहियों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटित किए गए थे। इनमें से 188 हितग्राहियों ने नियमानुसार 2 लाख रुपए का अंशदान जमा कर दिया, जबकि 208 लोगों ने केवल मार्जिन मनी जमा कर पूरी राशि चुकाए बिना फ्लैटों पर कब्जा कर लिया। कमिश्नर बोले- 2019 से मुफ्त पानी और बिजली का उपयोग नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने बताया कि डोसीगांव में करीब 400 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए गए थे, जिनकी वर्ष 2019 में कीमत करीब 7 लाख रुपए थी। शासन ने हितग्राहियों को रियायती दर पर करीब 2 लाख रुपए में फ्लैट उपलब्ध कराए थे। शुरुआत में 20 हजार रुपए जमा कराने थे, लेकिन कई लोगों ने वह राशि भी जमा नहीं कराई। उन्होंने बताया कि 2019 से अब तक कई हितग्राही बिना शेष राशि चुकाए फ्लैटों में रह रहे हैं और पानी-बिजली जैसी सुविधाओं का भी मुफ्त उपयोग कर रहे हैं। 166 हितग्राहियों को बैंक से ऋण भी उपलब्ध कराया गया, लेकिन उन्होंने बैंक की किश्तें भी जमा नहीं कीं। बैंक की ओर से भी उन्हें नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कमिश्नर ने कहा कि निगम की टीम फ्लैट खाली कराने नहीं, बल्कि लोगों को रजिस्ट्री कराने और बकाया राशि जमा करने की समझाइश देने गई थी। इसके बावजूद कर्मचारियों पर हमला किया गया। यदि 4 अगस्त तक लोग राशि जमा कर रजिस्ट्री करा लेते हैं तो ठीक, अन्यथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस का बयान
एसडीएम तरुण जैन ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की सभी तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पथराव और हमला करने वालों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
