दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को वोटिंग हुई। यहां चुनावी रणनीति से ज्यादा खाकी का पहरा और प्रशासनिक घेराबंदी हावी रही। मतदान की शुरुआत के साथ ही पुलिस ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के खास समर्थक भाजपाई और स्थानीय कांग्रेसी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। जो शिकंजे में आए, उन्हें 2 से 3 घंटे नजरबंद रखा गया। फर्जी वोटिंग के हंगामे के बीच दतिया के मतदाताओं का रुख भी बेहद चौंकाने वाला रहा। निर्वाचन आयोग की तमाम कोशिशों के बावजूद दतिया में महज 71.44% मतदान हुआ, जो 23 सालों का सबसे निचला स्तर है। इधर, एसपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि शिकायतों के आधार पर 2 कांग्रेसी और 5-6 भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया था। समझाइश देकर 2 घंटे में छोड़ दिया गया। कांग्रेस-भाजपा दोनों के समर्थकों पर पुलिस की रही सख्ती घेराबंदी: जिनका अपने वार्डों में दबदबा, पुलिस ने सीधे उन्हीं पर डाला हाथ पुलिस ने जिन भाजपाइयों और कांग्रेसियों को निशाना बनाया, वे महज कार्यकर्ता नहीं बल्कि ‘वोट-कन्वर्टर’ माने जाते हैं। 5 बार के पार्षद योगेश सक्सेना, 3 बार के पार्षद राकेश साहू और पार्षद अक्कू दुबे के ठिकानों पर दबिश दी गई। ये सभी भनक लगते ही भूमिगत हो गए। नरोत्तम समर्थक बहादुरपुर से सरपंच पति बलराम शर्मा और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र को पुलिस उठाकर ले गई।
