मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में 28 करोड़ रुपए की सरकारी मूंग में मिट्टी और दूसरे बाहरी पदार्थ मिलाने के मामले में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक समेत 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच में कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी मिली थीं। मामले में कनकधारा वेयरहाउस को सील कर दिया गया है। जांच में शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। मामले में सबसे अहम बात यह है कि जिस वेयरहाउस में यह गड़बड़ी मिली, वहां करीब एक साल पहले भी अनियमितता सामने आ चुकी थी। तब जांच के बाद वेयरहाउस को ब्लैक लिस्ट किया गया था। उस जांच टीम में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी शामिल थे। इसके बावजूद दोबारा सरकारी मूंग के भंडारण में गड़बड़ी सामने आने पर उनकी जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। गुरुवार दोपहर को दैनिक भास्कर डिजिटल ने कार्रवाई नहीं होने की खबर प्रकाशित की थी, इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और शाम को जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। 23 स्टैक में मिली मिलावट, कुछ बोरियां मिट्टी से भरी मिलीं नर्मदापुरम के माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग में मिट्टी मिलावट का मामला जांच के बाद सामने आया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर 22 जुलाई को गठित जांच दल ने वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग की 23 स्टैक में गड़बड़ी मिली। कई बोरियों में तय सीमा से अधिक मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ पाए गए। कुछ बोरियां तो पूरी तरह मिट्टी से भरी मिलीं। इसके बाद वेयरहाउस को सील कर स्टॉक के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए। 31 हजार क्विंटल से ज्यादा मूंग प्रभावित जांच में सामने आया कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड और नाफेड की करीब 31,298.89 क्विंटल मूंग में मिलावट हुई है। इससे शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जिला प्रबंधक समेत 3 लोगों पर FIR जांच रिपोर्ट के आधार पर वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को लापरवाही और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार माना गया। जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में तीनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के अन्य वेयरहाउसों की भी लगातार जांच की जाएगी। वेयरहाउस संचालक अस्पताल में भर्ती FIR में आरोपी बनाए गए वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित वर्तमान में निजी हार्टकेयर हॉस्पिटल में भर्ती हैं। बताया गया है कि वे पिछले तीन दिन से अस्पताल में हैं।
