खरगोन जिले में मानसून रुक-रुक कर सक्रिय बना हुआ है। पिछले दो दिनों से हो रही हल्की बारिश ने खरीफ फसलों को राहत दी है, लेकिन किसान अब भी अच्छी और लगातार बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने निमाड़ क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों को जल स्रोत भरने की उम्मीद बंधी है। पिछले साल से अधिक बारिश भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक औसतन 12 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि तक हुई 11.6 इंच वर्षा से थोड़ी अधिक है। हालांकि, जिले की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 32.6 इंच है, जिसके मुकाबले अभी काफी बारिश होना बाकी है। खरीफ फसलों को मिला फायदा हालिया बारिश से कपास, सोयाबीन, मिर्च और मक्का जैसी खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिली है। मिट्टी में नमी बढ़ने और तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने से फसलों की बढ़वार बेहतर हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश जारी रहती है तो उत्पादन पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है। किसानों की नजर अब जलाशयों पर किसानों का कहना है कि केवल हल्की बारिश से खेती की पूरी जरूरत पूरी नहीं होगी। किसान महेश यादव, पुरुषोत्तम पटेल और गणेश यादव के अनुसार, तेज बारिश जरूरी है ताकि तालाब, बांध और अन्य जल स्रोत भर सकें। उनका कहना है कि यदि जल स्रोत पर्याप्त नहीं भरे तो आगामी रबी सीजन में सिंचाई संकट खड़ा हो सकता है। बड़वाह सबसे आगे, कसरावद-सनावद सबसे पीछे जिले की विभिन्न तहसीलों में वर्षा का वितरण असमान रहा है। बड़वाह में अब तक सबसे अधिक 16 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं कसरावद और सनावद में सबसे कम 9-9 इंच वर्षा दर्ज हुई है।अन्य क्षेत्रों में दर्ज वर्षा इस प्रकार है— देरी से आया मानसून, असर अब भी दिख रहा इस वर्ष जिले में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी, जो सामान्य से 9 दिन देरी से थी। मानसून की शुरुआत के बाद भी लगातार तेज बारिश नहीं होने से अधिकांश जल स्रोत अपेक्षित स्तर तक नहीं भर सके हैं। ऐसे में किसानों की उम्मीद अब मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान पर टिकी है, ताकि खरीफ के साथ-साथ रबी फसल की तैयारी भी प्रभावित न हो।
