अशोकनगर में एक किशोर से सेल टावर लगाने के नाम पर 15 लाख 49 हजार 216 रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई है। ठगों ने मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संपर्क कर उसे झांसा दिया। ठगों ने किशोर को उसके मकान पर टावर लगाने का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए 45 हजार रुपए प्रतिमाह किराया, 20 लाख रुपए एडवांस और सिक्योरिटी गार्ड के लिए 15 हजार रुपए देने का लालच दिया गया। बाद में, एग्रीमेंट, सर्वे, वेरिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क जैसे विभिन्न शुल्कों के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा करवाई गई। पीड़ित किशोर, जो अशोकनगर में यातायात थाने के पीछे रहता है, उसने 11 जुलाई को “इंडस आई केयर” नामक ऐप पर आवेदन किया था। इसके बाद, अनुज पंडित नाम के एक व्यक्ति ने फोन करके किशोर से मकान की रजिस्ट्री, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो व्हाट्सएप पर मंगवाए। ठगों ने नवी मुंबई का पता और कंपनी से संबंधित दस्तावेज भेजकर 24 घंटे में सर्वे पूरा होने का आश्वासन दिया। कुछ दिनों बाद, किशोर को वेरिफिकेशन लेटर, कन्फर्मेशन लेटर, अप्रूवल लेटर और एग्रीमेंट की पीडीएफ फाइलें भेजी गईं। इसके बाद 6,500 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में मांगे गए, जिसके लिए एक स्कैनर भेजा गया। फिर अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में लगातार रकम जमा करवाई जाती रही। 14 जुलाई से 24 जुलाई के बीच कई लेनदेन के माध्यम से कुल 15 लाख 49 हजार रुपए जमा करा लिए गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब टावर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो परिवार को ठगी का अहसास हुआ। किशोर की मां पूनम लोधी ने देहात थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और खातों तथा मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है।
