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15 क्रिमिनल केस, चुनाव हारे, बीजेपी ने बना दिया एल्डरमैन:अब पार्टी में विरोध; पार्षद की शिकायत पर कलेक्टर ने आयुक्त को लिखा लेटर- मनोनयन रद्द करें

भिंड नगर पालिका में एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर भारतीय जनता पार्टी अपनों के ही निशाने पर आ गई है। पार्टी ने जिस अजीत भदौरिया को एल्डरमैन मनोनीत किया है, उसका नाम पुलिस की हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में दर्ज है। उसके खिलाफ 15 क्रिमिनल केस दर्ज हैं। वह नगर पालिका के फर्जी FDR मामले में जेल भी जा चुका है। अब इस फैसले का विरोध भाजपा के भीतर से ही शुरू हो गया है। मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। बागी होकर लड़ा था चुनाव, हार के बाद मिला पद हाल ही में भाजपा ने भिंड जिले में 53 एल्डरमैन मनोनीत किए हैं, जिनमें अजीत भदौरिया का नाम सबसे ज्यादा विवादों में है। नगर पालिका चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर अजीत भदौरिया ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव में उसे हराने वाले भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी और मौजूदा पार्षद दशरथ सिंह भदौरिया ही अब उसके एल्डरमैन बनने का सबसे मुखर विरोध कर रहे हैं। बीजेपी पार्षद का आरोप- रिकॉर्ड छिपाकर हासिल किया पद भाजपा पार्षद दशरथ सिंह भदौरिया ने पूरे मामले की शिकायत आलाकमान और प्रशासन से की है। उनका कहना है कि अजीत भदौरिया के खिलाफ फर्जी FDR, हाट-बाजार और पटरी वसूली की राशि जमा नहीं करने जैसे कई गंभीर केस दर्ज हैं। दशरथ सिंह के अनुसार, अजीत भदौरिया ने अपना आपराधिक रिकॉर्ड छिपाकर पार्टी को गुमराह किया है। ऐसे व्यक्ति को पद मिलने से वह अपने खिलाफ लंबित मामलों को प्रभावित कर सकता है। कलेक्टर ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग को दी जानकारी शिकायत मिलने के बाद भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने इसकी पड़ताल कराई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त को दी गई। कलेक्टर ने विभाग को पत्र भेजकर इस मनोनयन पर पुनर्विचार करते हुए इसे रद्द करने की सिफारिश की है। पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है नाम पुलिस सूत्रों के अनुसार, अजीत भदौरिया का नाम पुलिस की निगरानी सूची (हिस्ट्रीशीटर लिस्ट) में 16वें नंबर पर दर्ज है। इस सूची में निगरानीशुदा अपराधियों के नाम शामिल होते हैं। देखिए लिस्ट… पूर्व विधायक ने भी साधा निशाना पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भी इस नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति पर पहले से नगर पालिका के साथ धोखाधड़ी, फर्जी एफडीआर और अन्य गंभीर आरोप हों, उसे उसी नगर पालिका का एल्डरमैन बना देना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ऐसे व्यक्ति को नगर पालिका में अधिकार मिलेगा तो वह अपने खिलाफ लंबित मामलों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जनता का भरोसा दोनों प्रभावित होंगे। मुकदमों से नहीं तय होती योग्यता- अजीत नवनियुक्त एल्डरमैन अजीत भदौरिया ने कहा कि जिन लोगों के शिकायत करने की बात कही जा रही है, उनमें से एक पार्षद के खिलाफ भी कोटा में मामला दर्ज है। मेरे खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का एल्डरमैन के मनोनयन से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने मुझे योग्य समझते हुए इस दायित्व के लिए मनोनीत किया है।

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