मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर से जुड़ी एक चैरिटेबल ट्रस्ट की 1.79 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से हड़पने का मामला सामने आया है। इस जमीन की कीमत करीब 60 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मदुरै सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन के फर्जी ट्रांसफर, रजिस्ट्रेशन और मॉर्गेज ट्रांजेक्शन से जमीन हथियाने की साजिश रची। यह कार्रवाई मंदिर के संयुक्त आयुक्त और कार्यकारी अधिकारी सेल्लादुरई और भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ‘अरापोर इयक्कम’ की शिकायत पर की गई है। 1930 की वसीयत में बिक्री पर थी रोक शिकायत के अनुसार, 1930 में सैदापेट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एक वसीयत दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया था कि अलगार कोविल रोड स्थित अशोक विलास बंगला और उससे लगा बगीचा मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर और अलगार मंदिर के लिए बनाए गए चैरिटेबल ट्रस्ट का है। वसीयत में केवल जमीन को लीज पर देने की अनुमति थी, जबकि इसकी बिक्री, मॉर्गेज या मालिकाना हक ट्रांसफर करने पर पूरी तरह रोक थी। तहसीलदार पर लगा जमीन हड़पने का आरोप कोर्ट के आदेश के बावजूद मॉर्गेज डीड बनाई FIR में आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद 16 अप्रैल 2021 को थूथुकुडी जिले के मुराप्पनडु सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार अनंतरामन की मदद से जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) रजिस्टर कराई गई। इसके आधार पर 19 जुलाई 2021 को डिंडीगुल जिले के वडा मदुरै सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार प्रशांत संथान करुप्पन के जरिए मॉर्गेज डीड भी रजिस्टर करा ली गई। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों ने कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद मिलीभगत कर फर्जी पट्टा ट्रांसफर और मॉर्गेज ट्रांजेक्शन के जरिए मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। CCB ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
