Homeमध्यप्रदेशबैरिकेड तोड़ भोपाल की ओर बढ़े किसान, बुधनी पहुंचे:पैरों में गिरकर रो...

बैरिकेड तोड़ भोपाल की ओर बढ़े किसान, बुधनी पहुंचे:पैरों में गिरकर रो पड़ा किसान, एसपी ने उठाकर गले लगाया; कल फिर पैदल मार्च

मध्यप्रदेश में मूंग की 100% खरीदी और खाद वितरण की व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों का भोपाल कूच सोमवार को दिनभर तनावपूर्ण रहा। नर्मदापुरम में किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। नर्मदा ब्रिज पर पुलिस और किसानों के आमने-सामने आने के बाद लंबी बातचीत चली। इसी दौरान एक किसान भावुक होकर एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा के पैरों में गिर गया और रोते हुए बोला- “हमारी मूंग खरीद लो…” एसपी ने किसान को उठाकर गले लगाया और समझाने की कोशिश की। देर शाम प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत के बाद किसान बुधनी में रात्रि विश्राम के लिए तैयार हुए। मंगलवार सुबह किसान फिर भोपाल की ओर पैदल मार्च शुरू करेंगे। सेठानी घाट से शुरू हुआ किसान मार्च, पूजा-पाठ के बाद निकले भोपाल कूच के लिए सोमवार सुबह नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर बड़ी संख्या में किसान जुटे। किसानों ने आंदोलन की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ और सत्यनारायण कथा के साथ की। किसानों ने सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की और इसके बाद नारेबाजी करते हुए भोपाल की ओर पैदल निकल पड़े। किसानों का कहना था कि मूंग खरीदी में कई किसानों की फसल नहीं बिक पा रही है। वहीं खाद लेने में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर किसान सरकार तक अपनी बात पहुंचाने भोपाल जाना चाहते थे। भोपाल चौराहे पर रोका, किसान बैरिकेड पार कर आगे बढ़े
किसानों के मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने नर्मदापुरम के भोपाल चौराहे पर बैरिकेडिंग की थी। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान भोपाल जाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद किसानों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए नर्मदा ब्रिज और नर्मदापुरम-सीहोर सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मौके पर आईजी, डीआईजी, कलेक्टर और एसपी समेत प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत कर रास्ता निकालने की कोशिश की। SP के पैरों में गिरकर किसान बोला- हमारी मूंग खरीद लो
आंदोलन के दौरान सबसे भावुक पल उस समय आया, जब एक किसान पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बीच अचानक एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा के पैरों में गिर गया। किसान रोते हुए लगातार कहता रहा- “हमारी मूंग खरीद लो…”। किसान की हालत देखकर एसपी ने उसे उठाया, गले लगाया और शांत कराया। इस दौरान आसपास खड़े किसानों और पुलिसकर्मियों ने भी उसे संभाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। किसानों का कहना था कि यह सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि प्रदेशभर के किसानों की परेशानी है। 40 किसान नेता सुबह से हिरासत में, हरदा में रखा गया भोपाल कूच को देखते हुए पुलिस ने पहले ही किसान नेताओं को रोकना शुरू कर दिया था। किसान संगठनों के मुताबिक हरदा, नर्मदापुरम समेत कई जगहों से करीब 40 किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया या नजरबंद किया गया। हरदा में कुछ नेताओं को अस्थायी जेल में रखा गया। किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि नेताओं को पहले ही रोककर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई। शाम को क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर सिंह राजपूत को रिहा किया गया। 8 तस्वीरें देखिए… हरदा में भी हलचल, किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया
भोपाल कूच को देखते हुए हरदा में भी प्रशासन अलर्ट रहा। यहां कई किसान नेताओं को सुबह से ही रोक लिया गया। किसान संगठनों का आरोप है कि नेताओं को घरों से उठाकर पुलिस ने हिरासत में लिया और आंदोलन में शामिल होने से रोका गया। हरदा में किसान नेताओं को अस्थायी जेल में रखा गया। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में किसानों ने नाराजगी जताई और कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने से रोका जा रहा है। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर सिंह राजपूत को भी हरदा में हिरासत में रखा गया था। शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को दबाया नहीं जा सकता और आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेताओं ने सरकार पर लगाए ये आरोप लीलाधर सिंह राजपूत: बातचीत का भरोसा देकर पीछे हटी सरकार क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय दिया गया था, लेकिन बाद में बैठक रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से बातचीत करने के बजाय पुलिस बल के जरिए आंदोलन रोकना चाह रही है। किसानों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संतोष पटवारे: MSP किसानों का अधिकार भारतीय किसान यूनियन के संतोष पटवारे ने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि MSP किसानों का अधिकार है और सरकार को मूंग खरीदी को लेकर स्पष्ट फैसला लेना चाहिए। पुलिस ने कई नेताओं को सुबह ही घरों से उठाकर रोक लिया। राकेश गौर: मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के राकेश गौर ने कहा कि आंदोलन सिर्फ मूंग खरीदी तक सीमित नहीं है। किसानों को खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में भी सुधार चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक किसानों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों की प्रमुख मांगें 1. मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी किसानों की मांग है कि सभी किसानों की मूंग MSP पर खरीदी जाए और किसी किसान की उपज नहीं रुके। 2. खाद वितरण व्यवस्था में सुधार किसानों का कहना है कि खाद लेने में उन्हें लंबी लाइन और ई-टोकन व्यवस्था की परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। 3. किसानों से सीधी बातचीत किसान संगठन चाहते हैं कि सरकार आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करे। अब आगे क्या? किसानों ने मंगलवार सुबह फिर भोपाल की ओर पैदल मार्च करने का ऐलान किया है। प्रशासन ने नर्मदापुरम-सीहोर और भोपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here