खरगोन जिले के महेश्वर में सहस्त्रधारा घाट पर इंदौर का 30 वर्षीय युवक अर्पित हाड़ा परिवार के सामने नर्मदा की तेज धारा में बह गया। पत्नी और भाई मदद के लिए चीखते रहे। देखते ही देखते वह कुछ ही सेकेंड में ओझल हो गया। घटना रविवार शाम करीब 5 बजे की है। सूचना मिलने पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सर्चिंग शुरू की। शाम से रात तक पुलिस, होमगार्ड और गोताखोरों ने तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अब सोमवार सुबह फिर सर्च ऑपरेशन शुरू होगा। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पैर फिसलने से हुआ हादसा अर्पित हाड़ा इंदौर के निपानिया क्षेत्र के रहने वाले थे। वे परिवार के पांच सदस्यों के साथ महेश्वर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर घूमने आए थे। महेश्वर दर्शन के बाद शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच वे जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा पहुंचे। नर्मदा में स्नान के दौरान उनका पैर फिसला और वे गहरे पानी के साथ तेज बहाव में चले गए। नदी में उतरने कोई हिम्मत नहीं कर सका अर्पित को बहता देख उनकी पत्नी और भाई ने शोर मचाकर लोगों से मदद मांगी। आसपास मौजूद नाविक, ग्रामीण और पर्यटक दौड़कर पहुंचे, लेकिन तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले इलाके की वजह से कोई भी नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर सका। कुछ ही सेकेंड में अर्पित तेज धारा में ओझल हो गए। रात तक तलाश, सुबह फिर सर्चिंग सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस, होमगार्ड की रेस्क्यू टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। टीम ने नर्मदा के विभिन्न कुंडों और बहाव वाले हिस्सों में देर शाम तक तलाश की, लेकिन अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा। थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे से दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। पुलिस ने श्रद्धालुओं से की अपील थाना प्रभारी ने बताया कि जलकोटी-सहस्त्रधारा का इलाका तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले तल के कारण बेहद जोखिम भरा है। उन्होंने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि अनजान या गहरे पानी वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें।
