नरसिंहपुर पुलिस ने हाथीनाला हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, 5 युवकों की मौत सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। शनिवार को पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि इस वारदात की योजना करीब एक माह पहले बनाई गई थी और आरोपियों द्वारा युवकों की लगातार रेकी की जा रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन शाम लगभग 5 से 6 बजे हाथीनाला क्षेत्र में आरोपियों और मृतकों के बीच मारपीट हुई थी। इसके बाद, रात करीब 8 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो हाईवा वाहनों का उपयोग कर युवकों को निशाना बनाया गया। घटनास्थल से टाटा कंपनी के ट्रक का एक हिस्सा भी बरामद हुआ, जिसने जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिला। ऐसे दिया घटना को अंजाम पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र लोधी के बीच पुराने विवाद, अवैध रेत कारोबार और आपराधिक गतिविधियों को लेकर रंजिश थी। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग स्थानों पर चार लोगों को निगरानी के लिए तैनात किया था। रुपए और एमएलसी को लेकर था विवाद जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि डॉक्टर अमित खरे और मृतक राजेंद्र लोधी के बीच रुपए और एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) को लेकर विवाद था। आरोप है कि राजेंद्र लोधी डॉक्टर को ब्लैकमेल कर रहा था। इसी विवाद के बाद डॉक्टर अमित खरे ने आनंद राजपूत से संपर्क किया और हत्या की साजिश रची गई। इनको किया गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में राजा पटेल, अनुज ठाकुर, आनंद लोधी, भारत सिंह, अनिल पटेल, अरविंद्र लोधी, नरेंद्र सिंह और डॉक्टर अमित खरे सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, अनिल, ऋतुराज और प्रीतम नामक तीन आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। ये भी देखें… हाईवा की टक्कर में पांच की मौत, हत्या की आशंका:रेत कारोबार से जुड़ी रंजिश; प्रदेश सचिव बोले- जांच जरूरी नरसिंहपुर जिले में रविवार शाम इंदिरा नगर के पास सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक युवकों के परिजन ने हत्या की आशंका जताई है। आरोप है कि घटना अवैध रेत कारोबार से जुड़ी रंजिश का परिणाम है। घटना से गुस्साए लोगों ने दोपहर में एम्बुलेंस में शव रखकर पांवला तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। आरोपी पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग माने। शाम करीब 5 बजे सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।पूरी खबर पढ़ें
