Homeमध्यप्रदेश'भास्कर समाधान' से 8 साल पुरानी समस्या हुई हल:54 दिनों में 3000...

‘भास्कर समाधान’ से 8 साल पुरानी समस्या हुई हल:54 दिनों में 3000 लोगों को राहत मिली, इंदौर का वार्ड-35 और भोपाल का वार्ड-85 पीछे

भोपाल के देवकी नगर में पिछले 8 सालों से सीवेज का गंदा पानी सड़क पर बह रहा था, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद जिम्मेदारों ने संज्ञान लिया। सड़क का निर्माण भी कराया गया। इसकी पुष्टि खुद शिकायतकर्ता ने की। यही तस्वीर दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ में इंदौर से भी सामने आई है। 1 जून से भोपाल और इंदौर में शुरू हुए इस नए प्लेटफॉर्म का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। जिसके जरिए अब तक 3 हजार से अधिक समस्याओं का समाधान हो चुका है, जबकि 900 से ज्यादा शिकायतों पर काम जारी है। सड़क, पानी, सीवर, सफाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आईं। इन मामलों में नगर निगम, बिजली कंपनी, जलापूर्ति और अन्य विभागों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। शिकायतों के समाधान की तस्वीरें और अपडेट भी प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें… ) भोपाल में सड़क से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें राजधानी भोपाल में अब तक 4,538 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 1,750 समस्याओं का समाधान किया गया, जबकि 491 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। वहीं, सबसे ज्यादा सड़क से जुड़ी 1,523, सफाई से जुड़ी 1,203, सीवर से जुड़ी 1,157, पानी से जुड़ी 828 और बिजली से जुड़ी 475 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन वार्डों और पार्षदों का सबसे अच्छा रिकॉर्ड भोपाल में सबसे ज्यादा समस्याओं का समाधान कराने में वार्ड-79 की अंजू राजपूत (185), वार्ड-75 की रीता विश्वकर्मा (184), वार्ड-77 के दानिश खान (105), वार्ड-58 के राकेश यादव (90) और वार्ड-29 के देवांशु कसाना (62) सबसे आगे रहे। बिजली विभाग और नगर निगम के अधिकारियों ने भी शिकायतों के निराकरण में सक्रिय भूमिका निभाई। भोपाल के वार्ड 85 में सबसे ज्यादा पेंडिंग शिकायतें
वहीं, सबसे अधिक पेंडिग शिकायतें वार्ड-85 में हैं। जहां 196 समस्याएं हैं। इसके अलावा वार्ड-52 में 190, वार्ड-26 में 180, वार्ड-83 में 149 और वार्ड-73 में 145 शिकायतें हैं। इंदौर में पानी से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें इंदौर में अब तक 3,777 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 1,176 समस्याओं का समाधान किया गया, जबकि 502 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। वहीं, सबसे ज्यादा पानी से जुड़ी 1,092, सड़क से जुड़ी 1,075, सीवर से जुड़ी 746 और सफाई से जुड़ी 661 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन वार्डों और पार्षदों का सबसे अच्छा रिकॉर्ड इंदौर में सबसे ज्यादा समस्याओं का समाधान कराने में वार्ड-16 की सोनाली मुकेश धारकर (75), वार्ड-65 के कमलेश कालरा (70), वार्ड-55 की पंखुरी दोषी (52), वार्ड-83 के जितेंद्र राठौर (52) और वार्ड-47 के नंदकिशोर पहाड़िया (47) सबसे आगे रहे। नगर निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी शिकायतों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदौर के वार्ड 35 में सबसे ज्यादा पेंडिंग शिकायतें इंदौर के वार्ड 35 में सबसे ज्यादा पेंडिंग शिकायतें हैं। यहां करीब 224 शिकायतें हैं। जबकि वार्ड 79 में 204, वार्ड 36 में 195, वार्ड 76 में 165 और वार्ड 77 में 153 से अधिक समस्याएं हैं। सिर्फ शिकायत नहीं… समाधान तक पहुंचा मामला भास्कर समाधान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि शिकायत सिर्फ प्रकाशित नहीं हुई, बल्कि उसके समाधान तक लगातार फॉलोअप किया गया। संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि सीधे प्लेटफॉर्म से जुड़े। शिकायत दर्ज होने के बाद विभागों ने कार्रवाई की और उसका रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया। इससे पहली बार शिकायत से समाधान तक की पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर दिखाई दी। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here