भोपाल मेट्रो आज यानी, शनिवार से हर 15 मिनट में मिलेगी। सुभाषनगर से एम्स के बीच दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी और कुल 50 ट्रिप लगाएगी। मेट्रो कॉरपोरेशन के मुताबिक, 7 महीने बाद सिंग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत होगी। बता दें कि भोपाल में मेट्रो की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो की शुरुआत की थी। वहीं, अगले दिन से आम लोगों के लिए मेट्रो ट्रैक पर दौड़ने लगी थी। अब तक सिंगल ट्रैक पर ही मेट्रो चल रही थी, जबकि शनिवार से मेट्रो दोनों ट्रैक पर चलने लगेगी। पीक ऑवर्स में 15 मिनट में दूसरी मेट्रो
सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन से एम्स के लिए पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से चलेगी। पीक ऑवर्स में हर 15 मिनट में मेट्रो में सफर हो सकेगा, जबकि दिन में 30 मिनट का फांसला रहेगा। अभी ये अंतर 75 मिनट है। जून में सीएमआरएस ने किया था निरीक्षण
मेट्रो के सिंग्नलिंग सिस्टम के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) जून में भोपाल आई थी। दो दिन तक टीम भोपाल रुकी थी। इसके बाद गुरुवार को हरी झंडी मिलने की खबर आ गई। इसके बाद 25 जुलाई से नए सिस्टम के हिसाब से ही मेट्रो का संचालन करने का प्लान बनाया गया। दो स्लाइड में जानिए, पूरा शेड्यूल… डिस्काउंट पॉलिसी लागू
मेट्रो प्रबंधन ने आकर्षक प्रमोशनल डिस्काउंट पॉलिसी भी लागू की है। इसके अंतर्गत रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जा रही है। इसके अलावा एमपीएमआरसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने वाले यात्रियों को रिचार्ज राशि के आधार पर 8 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोनस राशि का लाभ मिलेगा। 200 से 499 रुपए तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, 500 से 999 रुपए तक 10 प्रतिशत, 1000 से 1499 रुपए तक 12 प्रतिशत और 1500 से 2000 रुपए तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल के माध्यम से यात्रियों को आसान डिजिटल टिकटिंग, कैशलेस भुगतान, अधिक बचत और बेहतर यात्रा अनुभव एक साथ उपलब्ध होगा। 15 मिनट पहले पहुंच सकते हैं यात्री
यात्रियों के लिए पहली मेट्रो के निर्धारित प्रस्थान के समय से 15 मिनट पूर्व खोल दिए जाएंगे। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर में प्रवेश, सुरक्षा जांच एवं प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकटिंग की व्यवस्था प्रत्येक स्टेशन पर निर्धारित प्रवेश/निकास द्वार पर उपलब्ध रहेगी। इसके अनुसार सुभाष नगर स्टेशन पर गेट क्रमांक-3, केंद्रीय विद्यालय स्टेशन पर गेट क्रमांक-3, बोर्ड ऑफिस स्टेशन पर गेट क्रमांक-3, एमपी नगर स्टेशन पर गेट क्रमांक-3, रानी कमलापति स्टेशन पर गेट क्रमांक-2, डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर गेट क्रमांक-3, अलकापुरी स्टेशन पर गेट क्रमांक-3 तथा एम्स स्टेशन पर गेट क्रमांक-1 पर मैनुअल टिकटिंग सुविधा उपलब्ध रहेगी। 800 करोड़ रुपए में नया सिस्टम
भोपाल में मेट्रो संचालन की सुस्त रफ्तार को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो गया। करीब 30 किमी के लिए हुए करीब 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है। मेट्रो की रीढ़ होता है सिग्नलिंग सिस्टम
जानकारों के मुताबिक, सिग्नलिंग सिस्टम किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा होता है। यही तय करता है कि ट्रेन कितनी दूरी पर चलेगी। ट्रेन की अधिकतम और न्यूनतम गति नियंत्रित करता है। ट्रेनों के बीच सुरक्षित गैप बनाए रखता है। ऑटोमेटेड ऑपरेशन और इमरजेंसी कंट्रोल संभालता है। सिस्टम के बिना मल्टी-ट्रैक ऑपरेशन संभव नहीं होता, जिससे पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता। दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक
भोपाल मेट्रो में वही आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जो दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होती है। इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेन दोनों ट्रैक पर चल सकेंगी। ट्रेनों के बीच का अंतर (हेडवे) कम होगा और फ्रिक्वेंसी तेजी से बढ़ाई जा सकेगी। नए सिस्टम से यह फायदा
नए सिस्टम के शुरू होने के बाद मेट्रो दोनों ओर से चलेगी। इससे 75 मिनट की टाइमिंग कम होगी। इससे लोगों को आसानी से मेट्रो मिल सकेगी। फेरे भी बढ़ जाएंगे। ऐसे में सुबह और शाम को ऑफिस टाइमिंग पर भी मेट्रो मिल सकेगी।
