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भुट्‌टे वाले भैया ने सीएम को बताया ‘कड़वा सच’:कांग्रेस नेता को पड़ा थप्पड़; नरोत्तम के आंसुओं पर भाजपा के सीनियर्स की खरी बात

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। युवक ने सीएम से बयां की बेरोजगारी की सच्चाई
आपने हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक वीडियो देखा होगा। इसमें सड़क किनारे भुट्टा बेचने वाले एक दिव्यांग युवक ने मुख्यमंत्री को भुट्टा खाने के लिए आवाज दी। मुख्यमंत्री ने भी अपना काफिला रुकवाया, युवक के पास पहुंचे, भुट्टा लिया और उसके साथ फोटो खिंचवाई। इतना ही नहीं, उन्होंने युवक को 500 रुपए भी दिए। लेकिन कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। इस युवक ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी वह मजबूरी भी बयां कर दी, जो आज न जाने कितने पढ़े-लिखे युवाओं की कहानी बन चुकी है। युवक ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री से कहा- ‘सर, मैंने MSW यानी मास्टर ऑफ सोशल वर्क किया है। जब कहीं नौकरी नहीं मिली तो मैंने भुट्टा बेचने का रोजगार शुरू कर लिया।’ युवक ने यह भी बताया कि उसकी चाय और पकौड़े की दुकान भी है। अब लोग कह रहे हैं कि इस युवक ने बेरोजगारी की जमीनी हकीकत सामने रख दी है। वहीं, कुछ लोग चुटकी ले रहे हैं कि प्रधानमंत्री कह चुके हैं कि पकौड़े बेचना भी रोजगार है। इस युवक ने भी ‘मोदी मंत्र’ अपना लिया है। कांग्रेस नेता को एक शख्स ने मारा जोरदार थप्पड़
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हो गया। यहां प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप की मौजूदगी में एक शख्स ने जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया को थप्पड़ मार दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप यहां सांदीपनि स्कूल के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। चूंकि यह सरकारी कार्यक्रम था, इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष होने के नाते कांग्रेस नेता चंदर सिंह सोंधिया को भी प्रोटोकॉल के तहत आमंत्रित किया गया था। चंदर सिंह कार्यक्रम में पहुंचे भी, लेकिन पहले तो उन्हें पुलिस ने रोक लिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के दखल के बाद उन्हें कार्यक्रम स्थल में प्रवेश दिया गया। इससे नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष मंच के सामने जमीन पर ही बैठ गए। हालांकि, बाद में अधिकारियों और प्रभारी मंत्री की मान-मनुहार के बाद वे मंच पर पहुंचे और मंत्री को बताने लगे कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था और पहले भी उनके साथ इस तरह का बर्ताव हो चुका है। बताया जा रहा है कि इसी दौरान मंच पर मौजूद भाजपा विधायक मोहन शर्मा के बेटे ने आपत्ति जताई और उन्हें कार्यक्रम से बाहर जाने को कह दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद जब चंदर सिंह सोंधिया कार्यक्रम छोड़कर जाने लगे, तभी एक शख्स ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद पुलिस सोंधिया को थाने ले गई। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नरसिंहगढ़ थाने का घेराव कर दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर लोग जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर चुटकी ले रहे हैं कि मामला कुछ ऐसा हो गया- ‘बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले…’ नरोत्तम के आंसुओं पर सीनियर्स की अलग-अलग राय
दतिया उपचुनाव में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिला। इसके बाद एक मंच पर वे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। अब नरोत्तम के इन्हीं आंसुओं पर भाजपा के भीतर से ही तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि 2018 के चुनाव में उनका भी टिकट कट गया था। उस वक्त उनकी आंखों से भी आंसू निकले थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे आंसू किसी ने नहीं पोंछे, तो हम दूसरे की क्यों चिंता करें?’ हालांकि, भाजपा विधायक शाक्य ने नरोत्तम को टिकट नहीं देने के पार्टी के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि जब पुराने लोगों की कुर्सियां खाली होंगी, तभी नए लोगों को मौका मिलेगा। इधर, भाजपा के सबसे सीनियर विधायक गोपाल भार्गव की राय कुछ अलग है। उन्होंने कहा कि जब तक आदमी जिंदा और सक्रिय है, तब तक उसका राजनीतिक भविष्य कभी खत्म नहीं हो सकता। नरोत्तम मिश्रा के मामले में हर कोई अपने-अपने सियासी नफे-नुकसान के हिसाब से प्रतिक्रिया दे रहा है। लेकिन खरी बात यही है कि भाजपा किसके लिए कब क्या सियासी स्क्रिप्ट लिख रही है, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता। और जब फैसला सामने आता है, तो कई बार वह चौंकाने वाला होता है। नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देना भी भाजपा का ऐसा ही एक फैसला था। और अब अंदर की बात.. आदेश से पहले ही साहब ने बांधे बोरिया-बिस्तर
मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद इस पद की रेस में शामिल रहे उनसे सीनियर एक अधिकारी की मंत्रालय से बाहर पोस्टिंग तय मानी जा रही थी। लेकिन इसके आदेश के पहले ही अधिकारी ने अपना बोरिया-बिस्तर बांध लिया। हालांकि देर रात उनकी मंत्रालय से बाहर नई पोस्टिंग का आदेश भी जारी हो गया। इधर, नए साहब जिस विभाग से आए हैं, उस विभाग का अतिरिक्त प्रभार पुराने साहब के एक करीबी अधिकारी को सौंपा गया है। इसके आदेश जारी होने के बाद मंत्रालय में चर्चा है कि भले ही पुराने साहब अब दिल्ली चले गए हैं, लेकिन इस नियुक्ति के जरिए यह संकेत भी दे दिया गया है कि सिस्टम पर उनका कंट्रोल अभी बरकरार रहेगा। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), मनीष सोनी (राजगढ़), अमन चौहान (धार) ये भी पढ़ें –
जीतू पटवारी ने बच्चों से लगवाए चुनावी नारे: कांग्रेस के पैदल मार्च में चले लात-घूंसे दतिया उपचुनाव में प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छोटे-छोटे बच्चों से चुनावी नारे लगवा दिए। अब सवाल उठ रहे हैं कि जीतू पटवारी ने ऐसा करके कहीं आचार संहिता की लक्ष्मण रेखा तो नहीं लांघ दी? क्योंकि नियम-कायदे कहते हैं कि चुनाव प्रचार में बच्चों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें

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