खंडवा जिला कोर्ट के चर्चित क्रिमिनल लॉयर और भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक विजय चौधरी (42) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी विजय चौधरी को पहले एसिडिटी और सीने में हल्की तकलीफ महसूस हुई, जिसे सामान्य समझकर वे खुद बाइक चलाकर नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन ईसीजी जांच के दौरान ही उनकी सांसें थम गईं। सुबह दोस्तों संग किया योग, शाम को मंदिर जाने का था प्लान करीबी दोस्त और एडवोकेट देवेंद्र यादव ने बताया कि गुरुवार को विजय चौधरी दोस्तों के साथ मॉर्निंग वॉक पर गए थे, जहां सबने मिलकर योग किया। शाम करीब 6 बजे विजय ने दोस्तों को फोन कर बताया था कि एसिडिटी के कारण वे अस्पताल जा रहे हैं। इसके एक घंटे बाद उनकी मौत की खबर आ गई। दोस्तों के मुताबिक, शाम को दोस्तों के साथ दादाजी मंदिर जाने, बॉम्बे बाजार में दूध-जलेबी खाने और 7 अगस्त को काशी विश्वनाथ (बनारस) दर्शन की योजना बनी थी, जिसके लिए रिजर्वेशन भी हो चुका था। इकलौते बेटे थे विजय, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ विजय चौधरी अपने माता-पिता के इकलौते बेटे और परिवार के एकमात्र सहारा थे। उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो बेटे (एक हायर सेकंडरी और दूसरा मिडिल स्कूल में) हैं। धार्मिक प्रवृत्ति के विजय चौधरी रोज पूजा-पाठ करते थे। नशे से दूर रहते थे और केवल शुगर की समस्या के अलावा पूरी तरह स्वस्थ थे। 2008 से कर रहे थे प्रैक्टिस इंदौर से वकालत की पढ़ाई पूरी करने के बाद विजय चौधरी 2008 से खंडवा जिला कोर्ट में क्रिमिनल लॉयर के रूप में प्रैक्टिस कर रहे थे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक गांव रजूर (हरसूद) में किया जाएगा।
