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पटवारी की भूल.. बच्चों से लगवाए चुनावी नारे:कांग्रेस के पैदल मार्च में चले लात-घूंसे; पुलिस वाला बोला ‘मैं गुंडा हूं’

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जीतू पटवारी ने बच्चों से लगवा दिए चुनावी नारे
दतिया उपचुनाव में प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छोटे-छोटे बच्चों से चुनावी नारे लगवा दिए। उन्होंने एक गांव में बच्चों से ‘जात पे न पात पे.. मुहर लगेगी हाथ पे..’ और ‘जितेगा भई जितेगा.. हाथ का पंजा जितेगा..’ जैसे नारे लगवाए। अब सवाल उठ रहे हैं कि जीतू पटवारी ने ऐसा करके कहीं आचार संहिता की लक्ष्मण रेखा तो नहीं लांघ दी? क्योंकि नियम-कायदे कहते हैं कि चुनाव प्रचार में बच्चों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। जीतू पटवारी ने प्रचार के दौरान जोश तो दिखा दिया, लेकिन होश से काम नहीं लिया। अब बच्चे तो बच्चे ठहरे। उन्हें क्या पता कि वे क्या नारे लगा रहे हैं। लिहाजा, उन्होंने जीतू पटवारी को ही झटका दे दिया। हुआ यूं कि बच्चों के जोशीले नारों से उत्साहित जीतू पटवारी ने कहा कि जब बच्चों ने ठान ली है तो जीत पक्की है। इसके बाद जीतू पटवारी ने बच्चों से पूछ लिया- मेरी बात सही है कि गलत? इस पर बच्चे तपाक से बोल पड़े- गलत। हालांकि, जीतू पटवारी ने बच्चों के इस जवाब को नजरअंदाज किया और आगे अपना भाषण जारी रखा। दिलचस्प बात यह है कि खुद जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया है। अब यही वीडियो उनके लिए कहीं मुश्किल न खड़ी कर दे। जेबकतरा बताकर अपने ही साथी को पीट दिया
कांग्रेस का कार्यक्रम हो और उसमें कोई बवाल न हो, ऐसा भला हो सकता है? भोपाल में भी भाजपा कार्यालय तक कांग्रेस के पैदल मार्च के दौरान हंगामा हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जेबकतरा बताकर अपने ही साथी की पिटाई कर दी। युवक को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। बीच सड़क पर उसे लात-घूंसे मारे गए, जिससे वह घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल पहुंचाया। युवक की पिटाई करने वाले लोग कह रहे थे कि वह जेब काट रहा था। वहीं, पिटाई के शिकार हुए माज कुरैशी का कहना था कि उसे विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने मारा है। उसका दावा है कि वह कांग्रेस का कार्यकर्ता है, लेकिन उसने विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किया था। इसी से नाराज होकर विधायक के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इस मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ‘मीडिया के सारे साथी पूरे प्रदर्शन के समय मेरे साथ रहे। हम भाजपा से लड़ रहे हैं। हमारा ऐसे किसी मामले से क्या लेना-देना?’ अब कोई कुछ भी कहे, लेकिन इस मामले ने एक बार फिर कांग्रेस की एकजुटता के दावों की पोल खोल दी है। शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी का थाने में ड्रामा
रीवा के अमहिया थाने में पदस्थ एक पुलिसकर्मी ने अपने ही विभाग की किरकिरी करा दी। दरअसल, अच्छेलाल नाम के इस प्रधान आरक्षक ने बुरा काम कर दिया। शराब के नशे में थाने में ही जमकर ड्रामा किया, जो कैमरे में कैद हो गया। शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी कह रहा है कि ‘मैं पुलिस लाइन का गुंडा हूं।’ उसने शराब पीना भी स्वीकार किया। उसने बताया कि ‘मैंने आज दो बोतल शराब पी है, एक सफेद वाली पौआ और एक विदेशी वाली।’ खास बात यह है कि यह नाटक तब हुआ, जब पुलिस विभाग इन दिनों ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान चला रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है, लेकिन थाने में हुए इस ड्रामे का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की जमकर किरकिरी हो गई है। और अब अंदर की बात.. सीएस की कुर्सी के लिए आखिरी क्षण तक चली जोर आजमाइश
मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव की ताजपोशी हो गई है। उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है, लेकिन इससे पहले इस पद की रेस में शामिल दावेदार अधिकारियों ने इस कुर्सी पर बैठने के लिए अंतिम क्षण तक जोर आजमाइश की। इस बीच दो-तीन दिनों में नए वाले साहब को लेकर उनके विभाग की कुछ नकारात्मक खबरें भी मार्केट में आईं। इसे लेकर चर्चा है कि ये इन्हीं दावेदारों में से किसी एक अधिकारी का दांव था। इधर, नए साहब की ताजपोशी के दौरान भी इन दावेदारों में शामिल एक अधिकारी ने पुराने वाले साहब की जमकर तारीफ की, जबकि नए वाले साहब के लिए महज तारीफ की औपचारिकता निभा दी। बाकी अधिकारी इस अधिकारी का यह रूप देखकर हैरान नजर आए। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), अभिलाष मिश्रा (रीवा) यह भी पढ़ें –
भाजपा के लिए फूल लेकर खड़े रहे कांग्रेस नेता: नाराज कांग्रेस विधायक के मुंह पर हाईकमान का ताला भोपाल में भाजपा कार्यकर्ता तेज बारिश के बीच कांग्रेस दफ्तर की ओर बढ़ रहे थे। उधर, कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलकर बैठी थी। कांग्रेस नेता हाथों में फूल लेकर भाजपा नेताओं के स्वागत के लिए खड़े रहे। हालांकि, पुलिस ने तगड़ी बैरिकेडिंग कर रखी थी। भाजपा नेताओं को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने ही नहीं दिया गया। पूरी खबर पढ़ें

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