मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा का प्रदर्शन, फूल लेकर खड़े रहे कांग्रेसी
दिल्ली में पीएम आवास पर राहुल गांधी के धरना-प्रदर्शन को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा ने इसे लेकर भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एक दिलचस्प दृश्य नजर आया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता तेज बारिश के बीच कांग्रेस दफ्तर की ओर बढ़ रहे थे। उधर, कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलकर बैठी थी। कांग्रेस नेता हाथों में फूल लेकर भाजपा नेताओं के स्वागत के लिए खड़े रहे। हालांकि, पुलिस ने तगड़ी बैरिकेडिंग कर रखी थी। भाजपा नेताओं को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने ही नहीं दिया गया। ऐसे में कांग्रेस के स्वागत की तैयारी धरी की धरी रह गई। यूं कह सकते हैं कि कांग्रेस की ‘मोहब्बत के फूल’ मुरझा गए, क्योंकि भाजपा वाले पहुंच ही नहीं पाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे कांग्रेस को चेतावनी देने आए हैं कि अगर कांग्रेस नहीं सुधरी तो भाजपा हर मंच पर उससे दो-दो हाथ करने के लिए तैयार है। हाईकमान तक पहुंचा कांग्रेस की कलह मामला
हाल ही में आगर जिले के नलखेड़ा में कांग्रेस का अंदरूनी कलह सामने आया था। कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार ने खुले मंच पर अपनी ही पार्टी के नेताओं के प्रति नाराजगी जताई थी। अब कांग्रेस नेता इस मामले में डैमेज कंट्रोल करने में जुटे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं, अजय सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि नलखेड़ा में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं। इधर, कांग्रेस विधायक भैरों सिंह भी इस मामले पर कुछ कहने से बचते नजर आए। हालांकि, उन्होंने दबी जुबान में एक बार फिर अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कोई बात नहीं करेंगे, क्योंकि अभी उपचुनाव चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईकमान का आदेश है, इसलिए वे कुछ नहीं बोलेंगे। मतलब, यह मामला अब हाईकमान यानी दिल्ली दरबार तक पहुंच चुका है। हो सकता है कि उपचुनाव के बाद इस पर बात हो। यानी कांग्रेस के इस अंदरूनी कलह की पिक्चर अभी बाकी है। बता दें कि पिछले हफ्ते आगर के नलखेड़ा में सुसनेर से कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह को भरे मंच पर खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने कांग्रेस के बड़े नेताओं पर ही पार्टी को कमजोर करने के आरोप लगाए थे। उनकी शिकायत थी कि अजय सिंह उनकी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस संगठन की बैठक लेने आए, लेकिन उन्हें इसकी खबर तक नहीं दी गई। उन्होंने इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी निशाने पर लिया था और उनकी तुलना धृतराष्ट्र से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि जीतू पटवारी आंखें बंद करके बैठे हैं और बोल भी नहीं सकते हैं। छतरियां तानकर अंतिम संस्कार की मजबूरी
एक तरफ सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के दमोह जिले से सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती है। दरअसल, जिले के तेंदूखेड़ा शहरी क्षेत्र में लोगों को भरी बारिश के बीच छाता तानकर शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। क्योंकि यहां के मुक्तिधाम में अब तक शेड का निर्माण नहीं हो सका है। हर बार बारिश के मौसम में ऐसी ही तस्वीरें सामने आती हैं। लोग कई बार जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इसे विडंबना ही कहेंगे कि मंत्री, सांसद, विधायक और नगर परिषद में से किसी ने भी यह पहल नहीं की कि यहां कम से कम दो टीनशेड वाला स्ट्रक्चर ही खड़ा कर दिया जाए। और अब अंदर की बात.. ‘हाई-टी’ के आयोजन में अधिकारियों की तारीफ
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें नीति आयोग का सीईओ बनाया गया है। उनकी जगह अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए प्रशासनिक मुखिया होंगे। इससे पहले अनुराग जैन ने दिल्ली से आदेश आने के पहले ही अपने ऑफिस में ‘हाई-टी’ का आयोजन किया। इसमें मंत्रालय में पदस्थ सीनियर अफसरों को बुलाया गया। लेकिन तब तक इन अफसरों को यह नहीं मालूम था कि साहब की विदाई होने वाली है। क्योंकि 31 अगस्त तक उनका कार्यकाल है और उन्हें दोबारा एक्सटेंशन मिलने की चर्चाएं भी मंत्रालय के गलियारों में तैर रही थीं। ‘हाई-टी’ में पहुंचे अफसरों के कामकाज की जैसे ही मुख्य सचिव ने तारीफ शुरू की, तो उन अफसरों के कान खड़े हो गए, जिन्हें अब तक वे बैठकों में खरी-खरी सुनाया करते थे। अफसरों को यह माजरा समझ नहीं आ रहा था कि साहब का एक्सटेंशन हो रहा है या नहीं। इधर, दिल्ली में पदस्थ मध्य प्रदेश कैडर के एक सीनियर आईएएस अफसर ने वॉट्सऐप ग्रुप पर जैन को नीति आयोग का सीईओ बनाए जाने का आदेश पोस्ट कर दिया, लेकिन उन्होंने इसे तत्काल डिलीट भी कर दिया। तब तक कुछ अफसर इसे पढ़ चुके थे। इसके बाद जैन से अक्सर खरी-खरी सुनने वाले अफसर खुश हो गए, लेकिन आदेश डिलीट होते ही फिर चिंतित हो गए। जैसे ही कन्फर्म हुआ कि बड़े साहब का दिल्ली जाना तय हो गया है, तो इन अफसरों को राहत मिली। उन्होंने इस कुर्सी के संभावित दावेदारों को एडवांस में बधाई भी देनी शुरू कर दी। चर्चा है कि सबसे ज्यादा बधाई उस अधिकारी को मिल रही थी, जो पिछली बार इस कुर्सी पर बैठने से चूक गए थे। अफसरों ने फोन पर उस अधिकारी को भी बधाई देनी शुरू कर दी, जिसने अनुराग जैन के सीईओ बनने का आदेश वॉट्सऐप ग्रुप में डाला था। क्योंकि ये अधिकारी भी इस कुर्सी के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। लेकिन सरकार ने एक घंटे के अंदर ही अशोक बर्णवाल को नया मुख्य सचिव बनाने का आदेश जारी कर दिया। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), कैलाश दुबे (दमोह) ये भी पढ़ें –
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