बैतूल जिले के चिचोली थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुई गैंगरेप और हत्या की घटना में गुरुवार को जिला कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया। करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र जज दिनेश चंद्र थपलियाल ने दोनों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा गैंगरेप, बार-बार दुष्कर्म और सबूत छिपाने के मामले में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई। दोनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। घर से ले जाकर पहले गैंगरेप किया फिर हत्या कर दी
मामले के अनुसार, घटना वाली रात शादीशुदा महिला अपने पति के साथ घर में सो रही थी। अगली सुबह पति की नींद खुली तो पत्नी घर में नहीं मिली। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के पास मंगलू के खेत के नाले में महिला का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे पति ने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की। उसके गले में साड़ी का फंदा था और शरीर पर चोट के निशान थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टी हुई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ गैंगरेप की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या, गैंगरेप और सबूत मिटाने के मामले में जांच शुरू की। जांच के दौरान एफएसएल की वैज्ञानिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। इन्हीं सबूतों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा गैंगरेप के मामले में 20-20 साल का सश्रम कारावास, बार-बार दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल का सश्रम कारावास और सबूत छिपाने के मामले में 5-5 साल का सश्रम कारावास दिया। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस मामले में सरकार की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने पक्ष रखा। एफएसएल रिपोर्ट, अन्य सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
