मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले स्कूलों से बाहर काम कर रहे 213 सरकारी शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 16 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को सभी शिक्षकों को तत्काल उनके मूल पदस्थापना स्थल यानी स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई पिछले साल 30 जुलाई को विधानसभा में सिरोंज से बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा के सवाल के आधार पर हुई जिला स्तरीय समीक्षा के बाद की गई है। शिक्षा विभाग की सूची के अनुसार कई शिक्षक विधायक कार्यालयों में निजी सहायक (पीए) के रूप में और कलेक्टर कार्यालय, जिला पंचायत, निर्वाचन कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जनपद पंचायत, एसडीएम कार्यालय और अन्य प्रशासनिक दफ्तरों में सालों से अटैच होकर काम कर रहे थे। अब सभी को मूल स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने के लिए रिलीव करने के आदेश जारी किए गए हैं। 16 जिलों के 213 शिक्षक स्कूल छोड़ दूसरे दफ्तरों में तैनात लोक शिक्षण संचालनालय की समीक्षा में उज्जैन, देवास, नीमच, शहडोल, दतिया, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, गुना, रीवा, सीधी, कटनी, सिंगरौली, सतना, राजगढ़ और मंडला सहित 16 जिलों के 213 शिक्षकों के संलग्नीकरण का विवरण सामने आया। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा जाए, ताकि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। विधायक कार्यालय से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक में लगे थे शिक्षक विधानसभा में सवाल के बाद हुई कार्रवाई पिछले विधानसभा सत्र में स्कूलों से बाहर संलग्न शिक्षकों का मुद्दा तारांकित प्रश्न क्रमांक-1108 के माध्यम से उठाया गया था। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिलों से जानकारी मंगाई। मानसून सत्र शुरू होने से पहले संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को संलग्नीकरण समाप्त कर संबंधित शिक्षकों को मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा- मूल विद्यालय भेजा जाए लोक शिक्षण संचालनालय ने निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों का संलग्नीकरण समाप्त किया गया है, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर मूल विद्यालय भेजा जाए। जिला शिक्षा अधिकारियों को पालन सुनिश्चित कर कार्रवाई की जानकारी संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब जानिए स्कूल छोड़ कहां ड्यूटी कर रहे थे शिक्षक? मंत्रालय में लगी सहायक शिक्षक की ड्यूटी भोपाल के शासकीय प्राथमिक शाला बांसखेडी के सहायक शिक्षक मनीष शर्मा 2015 से मंत्रालय भोपाल में अटैच हैं। भोपाल के शासकीय माध्यमिक शाला छोला के सहायक शिक्षक सुनील धानोरकर 2008 से मंत्रालय में अटैच हैं। भोपाल के शासकीय प्राथमिक पाठशाला परवलिया की प्राथमिक शिक्षिका प्रियंका शर्मा अगस्त 2023 से विमुक्त जाति आश्रम इब्राहिमपुरा, बैरसिया में अटैच हैं। अगस्त 2024 से थे बहोरीबंद विधायक के पीए जबलपुर के शासकीय माध्यमिक शाला उमरिया पठरा के सहायक शिक्षक सुभाग सिंह पटेल बहोरीबंद विधायक के निज सचिव के तौर पर अगस्त 2024 से अटैच हैं। नरसिंहपुर के करेली हायर सेकेण्डरी स्कूल के लेक्चरर आनंद कुमार श्रीवास्तव तेंदूखेड़ा विधायक के यहां अगस्त 2024 से अटैच हैं। जबलपुर के सहायक शिक्षक अजीत द्विवेदी जबलपुर के लोक निर्माण विभाग कार्यालय में जुलाई 2025 से अटैच हैं। कलेक्टर-एसडीएम के दफ्तर में ड्यूटी कर रहे टीचर जबलपुर के गोहलपुर गर्ल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राथमिक शिक्षक दिलीप सिंह ठाकुर जून 2025 से जबलपुर कलेक्टर कार्यालय (भू अभिलेख) में अटैच हैं। कटनी के सुपेली मिडिल स्कूल के सहायक शिक्षक महेन्द्र कुमार झारिया मार्च 2025 से बहोरीबंद एसडीएम कार्यालय में अटैच हैं। नरसिंहपुर स्कूल के शिक्षक भोपाल में अटैच शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर के लेक्चरर राजेश्वर नाथ पाठक जून 2009 से मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम भोपाल में अटैच हैं। नरसिंहपुर के सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के लेक्चरर पुरूषोत्तम प्रसाद तिवारी जनवरी 2022 से महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल में अटैच हैं।
