छिंदवाड़ा में पहचान छिपाकर शराब दुकान में काम करने और 5.46 लाख रुपये लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को दिल्ली और पंजाब में दबिश देकर गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को हरभजन बताकर पिछले तीन महीने से शराब दुकान में काम कर रहा था, जबकि उसका असली नाम साबिर अली है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साबिर अली (44) उत्तराखंड के उधमपुर नगर का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पालन-पोषण पंजाबियों के बीच हुआ था। इसी वजह से उसे पंजाबी भाषा और सिख संस्कृति की अच्छी जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, इसी का फायदा उठाकर वह हरभजन नाम से लोगों के बीच रह रहा था। वह गुरुद्वारे में अरदास भी करता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। दो पहचान पत्र मिलने से खुला मामला गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपी के पास से दो अलग-अलग पहचान पत्र मिले। एक पहचान पत्र में उसका नाम साबिर अली, पिता मोहम्मद शाह, निवासी उधमपुर नगर (उत्तराखंड) दर्ज है। दूसरे पहचान पत्र में वह हरभजन नाम से दर्ज मिला। पुलिस का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों से मामले का खुलासा हुआ। 5.46 लाख रुपये लेकर हुआ था फरार पुलिस के अनुसार, 29 जून को आरोपी को बिछुआ और खमारपानी क्षेत्र की शराब दुकानों से कैश कलेक्शन लेकर मुख्यालय पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह 5.46 लाख रुपये लेकर बस स्टैंड पहुंचा, वहां बाइक खड़ी की और कैश से भरा बैग लेकर फरार हो गया। जब वह कार्यालय नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल बंद मिला, तब मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई। दिल्ली और पंजाब में दबिश देकर पकड़ा कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में दिल्ली और पंजाब में लगातार दबिश दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 2.72 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि बाकी रकम खर्च की जा चुकी है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उसने पहले भी पहचान छिपाकर इस तरह की कोई वारदात की है या नहीं। इस कार्रवाई में निरीक्षक आशीष कुमार, उपनिरीक्षक चेतन मस्कोले, एएसआई ब्रजेश रघुवंशी, आरक्षक सागर डेहरिया, विकास बैस और नितिन ठाकुर की अहम भूमिका रही।
