बालाघाट में सिंचाई परियोजना के एक प्लांट में आग लगाने के आरोप में भाजपा नेता भुवनेश्वर रजक, परतापुर सरपंच राजेश सिरसाम और राकेश दमाहे को गिरफ्तार किया गया है। इन पर प्लांट प्रबंधन से 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और इनकार करने पर प्लांट में आग लगाने का आरोप है। इस घटना से प्लांट को करीब 4 से 5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। लामता पुलिस के अनुसार, यह घटना बीते 1 जुलाई को हुई थी। आरोपी जनपद पंचायत सदस्य भुवनेश्वर रजक, सरपंच राजेश सिरसाम और राकेश दमाहे एक कार से प्लांट पहुंचे थे। यहां भुवनेश्वर रजक ने अपने और सरपंच के लिए 5-5 लाख रुपए की मांग की। जब प्लांट प्रबंधन ने यह राशि देने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और प्लांट में आग लगा दी। ये सामान जलकर हुआ था खाक आगजनी में प्लांट में रखी मशीनरी, पाइप, तीन लोहे के कंटेनर में रखा ओएमएस मटेरियल, स्काडा मटेरियल, पेनल और एचडीपीई पाइप सहित अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। अन्य आरोपियों की तलाश जारी लामता थाना प्रभारी छत्रपालसिंह बैस ने बताया कि शिकायत के बाद तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच चल रही है। 55 गांवों के 12 हजार किसानों के लिए योजना यह माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में स्वीकृत की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना था। परियोजना के लिए पहले 146 करोड़ रुपए और बाद में संशोधित कर 175 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई थी। इस परियोजना से लगभग 55 गांवों के करीब 12 हजार किसानों को सिंचाई सुविधा मिलनी थी। प्लांट में आगजनी के कारण अब इस योजना की गति धीमी पड़ने से किसानों को नुकसान होने की आशंका है। प्लांट में आगजनी से हुए नुकसान की तस्वीरें…
