मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मुख्यमंत्री के मंच पर आए कांग्रेस विधायक
सिवनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक ठाकुर रजनीश सिंह का मूवमेंट चर्चा का विषय बन गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री के आसपास मंडराते नजर आए। विधायक कभी सीएम के पीछे, कभी आगे चलते दिखे। हालांकि विधायक होने के नाते प्रोटोकॉल के तहत ही वे इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। लेकिन वहां उनकी सक्रियता अब सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोर रही है। कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया, जब मंच पर सीएम अपना भाषण दे रहे थे। जो समाप्ति की ओर था। तभी कांग्रेस विधायक उनके पास जाकर अपनी बात कहने लगे। अब विधायक कहते रहे और सीएम भाषण खत्म कर आगे बढ़ गए। इससे भी दिलचस्प बात ये है कि सीएम के कार्यक्रम से कुछ समय पहले यही कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए थे और फिर विरोध की औपचारिकता निभाने के बाद वे सीधे सीएम के मंच पर जा बैठे। अब लोग कह रहे हैं कि सियासत की रवायत ऐसी होती है, जैसी दिखती है वैसी तो बिल्कुल नहीं होती है। चिट्ठी मामले के बाद बदले-बदले दिखे कैलाश
मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने के मामले के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का अलग अंदाज देखने को मिला। मीडिया ने जब उनसे एक के बाद एक राजनीतिक सवाल पूछे तो उन्होंने लगभग हर सवाल का जवाब मुस्कुराते हुए दिया। जवाब छोटे रहे, लेकिन उनकी मुस्कान पूरे समय बरकरार रही। मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी को लेकर सवाल किया गया तो विजयवर्गीय ने कहा- ये चैप्टर अब क्लोज हो गया है। इसके बाद इंदौर में मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठक निरस्त होने पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा- बैठक रखने वाले और बैठक निरस्त करने वालों से पूछो ये प्रश्न। उज्जैन जमीन मामले में मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल हुआ तो विजयवर्गीय ने कहा- मुख्यमंत्री तो मिलते ही रहते हैं आपको। जब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उलटा मीडिया से ही पूछ लिया- होने वाला है क्या? इंदौर में उनके हिसाब से कामकाज नहीं होने की बात पूछी गई तो उन्होंने- होगा अब। पूरी बातचीत के दौरान सवाल बदलते रहे, जवाब भी बदलते रहे, लेकिन एक चीज कॉमन रही, वह है कैलाश विजयवर्गीय की मुस्कान। यह मुस्कान सियासी सुकून वाली थी या फिर कुछ छिपाने वाली, ये तो मंत्री जी ही जानें। तिरुपति में भी दिखा शिवराज ‘मामा’ का क्रेज
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ‘मामा’ वाला अंदाज अब मध्य प्रदेश से बाहर भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय होता नजर आ रहा है। इसका ताजा नजारा आंध्र प्रदेश के तिरुपति में देखने को मिला। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान तिरुपति में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। जैसे ही लोगों की नजर उन पर पड़ी, भीड़ से मामा… मामा… के नारे गूंजने लगे। लोगों का उत्साह देखकर शिवराज सिंह भी खुद को रोक नहीं पाए। वे सीधे लोगों के बीच पहुंचे, उनसे हाथ मिलाया और उनका अभिवादन स्वीकार किया। शिवराज सिंह चौहान का यह सहज और मिलनसार अंदाज एक बार फिर चर्चा में है। अब लोग कह रहे हैं कि शिवराज जहां भी जाते हैं, लोगों से जुड़ने की अपनी खास शैली की वजह से सुर्खियां बटोर ही लेते हैं। और अब अंदर की बात..
बधाइयों वाले आईपीएस, खुशी सिर्फ चार दिन की
बधाई हो.. बधाई.. आप तो आईपीएस बन गए.. राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी चार दिन तक इसी तरह से अपने साथी अफसरों की बधाईयां लेते रहे, लेकिन सुना है कि जब दिल्ली से फरमान आया तो समझ आया कि वो तो केवल बधाईयों वाले ही आईपीएस थे। हुआ यूं कि आईपीएस के लिए हुई डीपीसी में दो लोगों के लिफाफे बंद रखे गए थे। जब बाकी अफसरों को पता चला तो उनके मन में लड्डू फूट गए। जिस अफसर को बधाई मिली वो भी उनमें से एक थे। बधाईयों का सिलसिला ऐसा चला कि बाकी अफसरों के कान खड़े हो गए। इनमें एक अफसर को आईपीएस बनने की पूरी उम्मीद थी। उन्होंने मंत्रालय में अपने अय्यारों से पूछताछ की तो पता चला कि डीपीसी में बधाई लेने वाले अफसर का नाम तो शामिल ही नहीं हो सकता। इसके बाद भी वो मुतमईन नहीं हुए। फिर दिल्ली से आई सूचना में पता चला कि उनका तो कहीं नाम ही नहीं था। इनपुट सहयोग – विनोद सोनी (सिवनी), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें –
दिग्विजय को ऑफर- चुपचाप भाजपा में आ जाओ: मंत्री ने की नॉन-स्टॉप तारीफ, सीएम को रोकना पड़ा राजगढ़ में मंत्री गौतम टेटवाल ने तो हद ही कर दी। भरे मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नॉन-स्टॉप तारीफ शुरू कर दी। उन्हें एक से बढ़कर एक उपमाएं दीं और उनकी खूबियां गिनाईं। यह सब सुनकर सीएम भी शरमा गए। हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री को उन्हें टोकना और रोकना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें
