राजधानी भोपाल के नेहरू नगर के शबरी नगर मल्टी में लोगों की सुबह कचरे की बदबू से होती है और रात इस डर में बीतती है कि कहीं बिजली की कोई तेज कड़क मल्टी की दीवारों को न गिरा दे। मल्टी में रहने वाली संगीता कहती है मजबूरी न होती तो इस नरक में नहीं रहते। बारिश में हाल और बुरे हो जाते हैं। नालियां जाम हो जाती हैं घरों में सीवेज का पानी आता है। मकान गिरने का डर हमेशा बना हुआ है। दूसरी महिला ने कहा कि नगर निगम कचरे का पैसा पानी का पैसा सब लेने आते हैं पर सफाई करने कोई नहीं आता है। हमारे जनप्रतिनिधि भी यहां तभी आते हैं जब चुनाव का समय होता है। इससे अच्छा तो हमारी झुग्गियां थीं। अनिता कहती है कि हम दुआ करती हूं कि बारिश न हो। बारिश में मेरा दो कमरों का फ्लैट झरना बन जाता है। बेडरूम किचन हर जगह पानी रिसता है। 15 साल हो गए पर कोई सुधार नहीं कराया गया। मल्टी की छतों पर इतनी घास है जितनी कि खेतों पर नहीं होगी। इस शबरी नगर में 40 से ज्यादा बिल्डिंग्स बनी हुई हैं। जिसमें से कुछ 20 और कुछ 15 साल पूरानी हैं। इन बिल्डिंग्स में एक हजार से ज्यादा से परिवार रहते हैं। तस्वीरों में देखिए मल्टी का हाल…. भोपाल की ज्यादातर मल्टियों का यही हाल ये केवल एक मल्टी नहीं है, भोपाल की ज्यादातर मल्टियों का यही हाल है। चाहे वो अर्जुन नगर, श्याम नगर और राहुल नगर हों या बीडीए का बनवाया अंजली कॉम्प्लेक्स हो। मकान जर्जर हैं, नालियां खुली हैं और उनमें कचरा जमा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम हमसे टैक्स लेती है और मेंटेनेंस हमें खुद कराने के लिए कहती है। यहां 20 से 30 बिल्डिंगों में 110 घर हैं। सभी डर के साये में जी रहे हैं कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। महापौर ने कहा- नगर निगम काम कर रही है महापौर मालती राय ने कहा कि चाहे जेएनयूआरएम, एएचपी, हाउसिंग बोर्ड, बीडीए या अन्य योजनाओं के तहत बनी इमारतें हों, यदि वे जर्जर स्थिति में हैं तो उन्हें चिन्हित करना और उनमें रहने वाले लोगों को तत्काल भवन खाली करने की सूचना देना नगर निगम की जिम्मेदारी है। नगर निगम ने ऐसी इमारतों की पहचान शुरू कर दी है। इसके साथ ही गंदगी, सीवेज और जल निकासी की समस्याओं वाले क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को इसके लिए जागरूक भी किया गया है। जिन स्थानों पर आउटलेट बंद होने से जलभराव हो रहा है, वहां उन्हें खुलवाया जा रहा है।
